Q. भूकम्पविभीषिका शब्द का हिंदी अर्थ क्या है?
Ans. भूकम्प से उत्पन्न भयानक स्थिति या विनाशकारी आपदा।
Q. भूकम्प क्या है?
Ans. पृथ्वी की सतह का अचानक हिलना भूकम्प कहलाता है।
Q. भूकम्प आने पर कैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है?
Ans. भवनों के गिरने, जनहानि, घायल होने और संपत्ति नष्ट होने जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
Q. भूकम्प से भवनों को क्या हानि होती है?
Ans. भवनों में दरारें पड़ सकती हैं और कमजोर भवन गिर सकते हैं।
Q. भूकम्प के समय लोगों को किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है?
Ans. लोगों को चोट, बेघर होने, भोजन-पानी की कमी और भय जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
Q. भूकम्प के समय घबराने के बजाय क्या करना चाहिए?
Ans. शांत रहकर सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करना चाहिए।
Q. भूकम्प के समय भवन के अंदर होने पर क्या करना चाहिए?
Ans. मजबूत मेज के नीचे झुककर सिर और गर्दन की रक्षा करनी चाहिए तथा खिड़कियों से दूर रहना चाहिए।
Q. भूकम्प के समय लिफ्ट का प्रयोग क्यों नहीं करना चाहिए?
Ans. बिजली बाधित होने या लिफ्ट फँसने का खतरा रहता है।
Q. भूकम्प के बाद क्षतिग्रस्त भवन में प्रवेश करने से क्यों बचना चाहिए?
Ans. भवन कमजोर हो सकता है और उसके गिरने का खतरा रहता है।
Q. भूकम्प पीड़ितों की सहायता कैसे की जा सकती है?
Ans. घायलों को चिकित्सा, जरूरतमंदों को भोजन-पानी, आश्रय और आवश्यक सामग्री देकर।
Q. आपदा के समय बचाव दल का क्या कार्य होता है?
Ans. बचाव दल फँसे लोगों को निकालता है और घायलों तक सहायता पहुँचाता है।
Q. भूकम्प के समय सामूहिक सहयोग क्यों आवश्यक है?
Ans. सामूहिक सहयोग से राहत कार्य तेजी से होते हैं और पीड़ितों की सहायता की जा सकती है।
Q. भूकम्प के बाद घायलों के लिए क्या आवश्यक है?
Ans. शीघ्र प्राथमिक उपचार और आवश्यकता के अनुसार चिकित्सा सहायता।
Q. आपदा के समय अफवाहों से क्यों बचना चाहिए?
Ans. अफवाहें भय और भ्रम फैलाती हैं तथा बचाव कार्य में बाधा डाल सकती हैं।
Q. भूकम्प के बाद गैस और बिजली की जाँच क्यों जरूरी है?
Ans. क्षतिग्रस्त गैस पाइप या बिजली के तार आग और अन्य दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं।
Q. आपदा प्रबंधन का क्या अर्थ है?
Ans. आपदा से पहले तैयारी करना, उसके समय बचाव करना और बाद में राहत एवं पुनर्वास की व्यवस्था करना।
Q. भूकम्प से बचाव के लिए भवन कैसे बनाए जाने चाहिए?
Ans. स्थानीय भवन नियमों और भूकम्परोधी निर्माण मानकों के अनुसार।
Q. भूकम्प के समय खुले स्थान पर होने पर क्या करना चाहिए?
Ans. भवनों, पेड़ों, बिजली के खंभों और तारों से दूर सुरक्षित स्थान पर रहना चाहिए।
Q. भूकम्प पीड़ितों के प्रति हमारा क्या कर्तव्य है?
Ans. उनके प्रति संवेदना रखना और अपनी क्षमता के अनुसार सहायता करना।
Q. भूकम्पविभीषिका पाठ से क्या शिक्षा मिलती है?
Ans. प्राकृतिक आपदाओं के प्रति जागरूक रहना, सुरक्षा नियमों का पालन करना और पीड़ितों की सहायता करना।