Q. उपभोक्ता किसे कहते हैं?
Ans. जो व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वस्तुएँ खरीदता है या सेवाओं का उपयोग करता है, उसे उपभोक्ता कहते हैं।
Q. उपभोक्ता शोषण क्या है?
Ans. जब किसी उपभोक्ता को अधिक कीमत वसूलने, कम मात्रा देने, मिलावटी या दोषपूर्ण वस्तु बेचने अथवा खराब सेवा प्रदान करने के कारण नुकसान होता है, तो इसे उपभोक्ता शोषण कहते हैं।
Q. उपभोक्ता आंदोलन की आवश्यकता क्यों पड़ी?
Ans. बाजार में मिलावट, जमाखोरी, कालाबाजारी, गलत विज्ञापन, कम तौल और अनुचित व्यापार व्यवहार जैसी समस्याओं के कारण उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए आंदोलन की आवश्यकता पड़ी।
Q. भारत में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 का क्या महत्व था?
Ans. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और उनकी शिकायतों के निवारण के लिए कानूनी व्यवस्था प्रदान की। बाद में इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 ने प्रतिस्थापित किया।
Q. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 का उद्देश्य क्या है?
Ans. इस अधिनियम का उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना, अनुचित व्यापार व्यवहार पर रोक लगाना और उपभोक्ता विवादों के निवारण की व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
Q. उपभोक्ता के छह प्रमुख अधिकार कौन-से हैं?
Ans. सुरक्षा का अधिकार, सूचना पाने का अधिकार, चुनाव का अधिकार, सुने जाने का अधिकार, शिकायत निवारण का अधिकार और उपभोक्ता जागरूकता का अधिकार।
Q. सुरक्षा का अधिकार क्या है?
Ans. सुरक्षा का अधिकार उपभोक्ता को ऐसी वस्तुओं और सेवाओं से सुरक्षा दिलाने से संबंधित है जो जीवन या संपत्ति के लिए खतरनाक हो सकती हैं।
Q. सूचना पाने का अधिकार क्या है?
Ans. उपभोक्ता को वस्तु या सेवा की कीमत, गुणवत्ता, मात्रा, शुद्धता, निर्माण या समाप्ति तिथि तथा अन्य आवश्यक विवरणों की सही जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है।
Q. चुनाव का अधिकार क्या है?
Ans. उपभोक्ता को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं में से अपनी पसंद का विकल्प चुनने का अधिकार है।
Q. सुने जाने का अधिकार क्या है?
Ans. उपभोक्ता को अपनी शिकायत और हितों को उचित मंच या संबंधित संस्था के सामने रखने तथा उन पर विचार किए जाने का अधिकार है।
Q. शिकायत निवारण का अधिकार क्या है?
Ans. उपभोक्ता को अनुचित व्यापार व्यवहार या शोषण के विरुद्ध शिकायत करने और उचित परिस्थितियों में क्षतिपूर्ति या अन्य राहत पाने का अधिकार है।
Q. उपभोक्ता जागरूकता का अधिकार क्या है?
Ans. उपभोक्ता को अपने अधिकारों, जिम्मेदारियों और उपलब्ध शिकायत निवारण प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है।
Q. ISI चिह्न का क्या महत्व है?
Ans. ISI चिह्न संबंधित भारतीय मानकों के अनुरूप प्रमाणित उत्पादों की पहचान में सहायता करता है। इसका उपयोग केवल उन उत्पादों पर निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाना चाहिए जिनके लिए यह लागू है।
Q. AGMARK का उपयोग किसलिए किया जाता है?
Ans. AGMARK कृषि उत्पादों के निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ग्रेडिंग और प्रमाणन से संबंधित चिह्न है।
Q. हॉलमार्क क्या दर्शाता है?
Ans. सोने और चाँदी जैसी हॉलमार्किंग के अंतर्गत आने वाली कीमती धातुओं की वस्तुओं पर हॉलमार्क उनकी निर्धारित शुद्धता या फाइननेस से संबंधित प्रमाणन की जानकारी देता है।
Q. उपभोक्ता को खरीदारी करते समय बिल क्यों लेना चाहिए?
Ans. बिल खरीद का प्रमाण होता है। इससे वस्तु की कीमत, खरीद की तारीख और विक्रेता की जानकारी मिल सकती है तथा शिकायत या वारंटी के दावे में सहायता मिलती है।
Q. MRP का पूरा नाम क्या है?
Ans. MRP का पूरा नाम Maximum Retail Price है। यह पैक की गई वस्तु पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य होता है, जिसमें लागू कर शामिल होते हैं।
Q. भ्रामक विज्ञापन क्या है?
Ans. ऐसा विज्ञापन जो वस्तु या सेवा की विशेषताओं, गुणवत्ता, लाभ या कीमत के बारे में गलत या भ्रमित करने वाली जानकारी देता है, भ्रामक विज्ञापन कहलाता है।
Q. उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों की क्या भूमिका है?
Ans. जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग कानून के अनुसार उपभोक्ता शिकायतों की सुनवाई करते हैं और उचित मामलों में राहत प्रदान कर सकते हैं।
Q. राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन का क्या उपयोग है?
Ans. राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने, संबंधित जानकारी प्राप्त करने और शिकायत निवारण के लिए उपलब्ध विकल्पों के बारे में मार्गदर्शन देने में सहायता करती है।