❓ Question Answer

Chapter 13 - सत्ता की साझेदारी

Q. सत्ता की साझेदारी क्या है?
Ans. सत्ता की साझेदारी वह व्यवस्था है जिसमें शासन की शक्ति किसी एक व्यक्ति या समूह के हाथों में केंद्रित न रहकर विभिन्न संस्थाओं, सरकार के स्तरों और सामाजिक समूहों के बीच बाँटी जाती है।
Q. सत्ता की साझेदारी लोकतंत्र के लिए क्यों आवश्यक है?
Ans. सत्ता की साझेदारी विभिन्न समूहों को शासन में भागीदारी देती है, संघर्ष की संभावना कम करती है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक उत्तरदायी एवं स्थिर बनाती है।
Q. बेल्जियम की सामाजिक संरचना कैसी है?
Ans. बेल्जियम में लगभग 59 प्रतिशत लोग फ्लेमिश क्षेत्र में डच भाषा बोलते हैं, लगभग 40 प्रतिशत लोग वालोनिया क्षेत्र में फ्रेंच बोलते हैं और लगभग 1 प्रतिशत लोग जर्मन बोलते हैं। ब्रुसेल्स में फ्रेंच भाषी बहुसंख्यक हैं।
Q. श्रीलंका में कौन-कौन से प्रमुख भाषाई समुदाय हैं?
Ans. श्रीलंका में सिंहली और तमिल प्रमुख भाषाई समुदाय हैं। तमिल समुदाय में श्रीलंकाई तमिल और भारतीय मूल के तमिल शामिल हैं।
Q. श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद की नीति क्या थी?
Ans. श्रीलंका में बहुसंख्यक सिंहली समुदाय को प्राथमिकता देने वाली नीतियों में 1956 का सिंहली को एकमात्र आधिकारिक भाषा बनाने वाला कानून तथा सिंहली समुदाय को विशेष प्राथमिकता देने वाले अन्य कदम शामिल थे।
Q. श्रीलंका में बहुसंख्यकवाद के क्या परिणाम हुए?
Ans. बहुसंख्यकवाद के कारण तमिल समुदाय में अलगाव और असंतोष बढ़ा। इससे सामुदायिक तनाव, संघर्ष और लंबे समय तक गृहयुद्ध की स्थिति पैदा हुई।
Q. बेल्जियम ने भाषाई संघर्ष को कैसे कम किया?
Ans. बेल्जियम ने संविधान में संशोधन करके केंद्रीय सरकार में डच और फ्रेंच भाषी मंत्रियों को समान संख्या में प्रतिनिधित्व दिया तथा क्षेत्रीय और सामुदायिक सरकारों को अधिकार दिए।
Q. बेल्जियम की सामुदायिक सरकार क्या है?
Ans. सामुदायिक सरकार भाषा समुदायों द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की संस्था है। इसे भाषा, संस्कृति और शिक्षा जैसे सामुदायिक मामलों से संबंधित अधिकार प्राप्त हैं।
Q. सत्ता की साझेदारी का विवेकपूर्ण कारण क्या है?
Ans. विवेकपूर्ण कारण यह है कि सत्ता की साझेदारी सामाजिक संघर्ष को कम करती है, विभिन्न समूहों के बीच स्थिरता बढ़ाती है और देश की एकता बनाए रखने में सहायता करती है।
Q. सत्ता की साझेदारी का नैतिक कारण क्या है?
Ans. नैतिक कारण यह है कि लोकतंत्र में शासन से प्रभावित लोगों को निर्णय प्रक्रिया में भाग लेने का अधिकार होना चाहिए। सत्ता की साझेदारी लोकतांत्रिक मूल्यों और जनभागीदारी को मजबूत करती है।
Q. सत्ता की साझेदारी के प्रमुख रूप कौन-से हैं?
Ans. सत्ता की साझेदारी के प्रमुख रूप हैं: सरकार के विभिन्न अंगों के बीच, सरकार के विभिन्न स्तरों के बीच, सामाजिक समूहों के बीच तथा राजनीतिक दलों और दबाव समूहों के बीच सत्ता का बँटवारा।
Q. सरकार के विभिन्न अंगों के बीच सत्ता की साझेदारी कैसे होती है?
Ans. विधायिका कानून बनाती है, कार्यपालिका कानूनों और नीतियों को लागू करती है तथा न्यायपालिका कानूनों की व्याख्या करती है और न्याय प्रदान करती है। इनके बीच शक्ति का बँटवारा नियंत्रण और संतुलन स्थापित करता है।
Q. क्षैतिज सत्ता विभाजन क्या है?
Ans. जब विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका जैसे समान स्तर पर कार्य करने वाले सरकारी अंगों के बीच सत्ता बाँटी जाती है, तो इसे क्षैतिज सत्ता विभाजन कहते हैं।
Q. ऊर्ध्वाधर सत्ता विभाजन क्या है?
Ans. जब केंद्र, राज्य और स्थानीय सरकारों जैसे विभिन्न स्तरों के बीच सत्ता बाँटी जाती है, तो इसे ऊर्ध्वाधर सत्ता विभाजन कहते हैं।
Q. गठबंधन सरकार सत्ता की साझेदारी का उदाहरण कैसे है?
Ans. जब कई राजनीतिक दल मिलकर सरकार बनाते हैं, तो उन्हें नीतियों और निर्णयों में भागीदारी मिलती है। इस प्रकार गठबंधन सरकार राजनीतिक दलों के बीच सत्ता की साझेदारी का उदाहरण है।
Q. राजनीतिक दल सत्ता की साझेदारी में क्या भूमिका निभाते हैं?
Ans. राजनीतिक दल चुनाव लड़ते हैं, सरकार बनाते हैं, नीतियाँ तैयार करते हैं और विपक्ष के रूप में सरकार के कार्यों की समीक्षा करते हैं।
Q. दबाव समूह और आंदोलन सत्ता की साझेदारी को कैसे प्रभावित करते हैं?
Ans. दबाव समूह और जन आंदोलन सरकार के निर्णयों को प्रभावित करने, जनता की माँगें सामने रखने और नीतियों में बदलाव के लिए दबाव बनाने का कार्य करते हैं।
Q. सत्ता की साझेदारी और बहुमत शासन में क्या अंतर है?
Ans. बहुमत शासन में बहुमत के निर्णय को महत्व दिया जाता है, जबकि लोकतांत्रिक सत्ता की साझेदारी में अल्पसंख्यकों के अधिकारों और विभिन्न समुदायों की भागीदारी का भी सम्मान किया जाता है।
Q. बेल्जियम और श्रीलंका की नीतियों में मुख्य अंतर क्या था?
Ans. बेल्जियम ने विभिन्न भाषाई समुदायों के बीच सत्ता बाँटकर समझौते का रास्ता अपनाया, जबकि श्रीलंका की बहुसंख्यकवादी नीतियों ने तमिल समुदाय में अलगाव और संघर्ष बढ़ाया।
Q. सत्ता की साझेदारी से लोकतंत्र कैसे मजबूत होता है?
Ans. सत्ता की साझेदारी निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाती है, सत्ता के दुरुपयोग पर नियंत्रण रखती है, अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करती है और सरकार को अधिक जवाबदेह बनाती है।

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