Q. विनिर्माण उद्योग क्या है?
Ans. कच्चे माल को प्रसंस्करण करके अधिक उपयोगी और मूल्यवान तैयार वस्तुओं में बदलने की प्रक्रिया विनिर्माण कहलाती है।
Q. विनिर्माण उद्योग का क्या महत्व है?
Ans. विनिर्माण उद्योग रोजगार पैदा करता है, कृषि का आधुनिकीकरण करता है, कच्चे माल का मूल्य बढ़ाता है और देश के आर्थिक विकास तथा निर्यात में योगदान देता है।
Q. राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में विनिर्माण उद्योग की भूमिका बताइए।
Ans. विनिर्माण उद्योग रोजगार, औद्योगिक उत्पादन, व्यापार, निर्यात और आय में वृद्धि करता है। इससे कृषि पर निर्भरता कम करने और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने में मदद मिलती है।
Q. उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक कौन-से हैं?
Ans. कच्चा माल, श्रम, पूँजी, बिजली, परिवहन, बाजार, जल की उपलब्धता और सरकारी नीतियाँ उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करती हैं।
Q. कृषि और उद्योग एक-दूसरे के पूरक कैसे हैं?
Ans. कृषि उद्योगों को कपास, गन्ना और जूट जैसे कच्चे माल देती है। उद्योग कृषि को मशीनें, उर्वरक, पंप और अन्य साधन उपलब्ध कराते हैं।
Q. कृषि आधारित उद्योग क्या हैं?
Ans. वे उद्योग जो कृषि से प्राप्त कच्चे माल का उपयोग करते हैं, कृषि आधारित उद्योग कहलाते हैं। सूती वस्त्र, चीनी और जूट उद्योग इसके उदाहरण हैं।
Q. खनिज आधारित उद्योग किसे कहते हैं?
Ans. वे उद्योग जो खनिजों और उनसे प्राप्त कच्चे माल पर आधारित होते हैं, खनिज आधारित उद्योग कहलाते हैं। लौह-इस्पात और सीमेंट उद्योग इसके उदाहरण हैं।
Q. सूती वस्त्र उद्योग भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
Ans. सूती वस्त्र उद्योग बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देता है, कपास की माँग पैदा करता है और घरेलू तथा विदेशी बाजारों के लिए वस्त्र उपलब्ध कराता है।
Q. सूती वस्त्र उद्योग मुंबई में क्यों विकसित हुआ?
Ans. मुंबई में आर्द्र जलवायु, बंदरगाह, पूँजी, श्रम, बाजार और परिवहन की सुविधाओं ने सूती वस्त्र उद्योग के विकास में सहायता की।
Q. जूट उद्योग मुख्यतः हुगली नदी के किनारे क्यों केंद्रित हुआ?
Ans. हुगली क्षेत्र में जूट उत्पादक क्षेत्रों की निकटता, जल, परिवहन, बंदरगाह, श्रम और अन्य सुविधाओं के कारण जूट उद्योग विकसित हुआ।
Q. चीनी उद्योग को मौसमी उद्योग क्यों कहा जाता है?
Ans. गन्ने की कटाई एक निश्चित मौसम में होती है और ताजा गन्ना जल्दी प्रसंस्कृत करना पड़ता है। इसलिए चीनी मिलों का काम मुख्यतः गन्ना पेराई के मौसम में अधिक होता है।
Q. लौह-इस्पात उद्योग को आधारभूत उद्योग क्यों कहा जाता है?
Ans. लौह-इस्पात उद्योग मशीन निर्माण, परिवहन, निर्माण और अनेक अन्य उद्योगों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराता है। इसलिए इसे आधारभूत उद्योग कहा जाता है।
Q. लौह-इस्पात उद्योग की अवस्थिति को कौन-से कारक प्रभावित करते हैं?
Ans. लौह अयस्क, कोयला, चूना पत्थर, जल, बिजली, श्रम, पूँजी और परिवहन की उपलब्धता इस उद्योग की अवस्थिति को प्रभावित करती है।
Q. एल्युमिनियम प्रगलन उद्योग में बिजली का क्या महत्व है?
Ans. बॉक्साइट से एल्युमिनियम निकालने की प्रगलन प्रक्रिया में बहुत अधिक विद्युत ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इसलिए सस्ती और पर्याप्त बिजली महत्वपूर्ण है।
Q. रासायनिक उद्योग का क्या महत्व है?
Ans. रासायनिक उद्योग उर्वरक, औषधियाँ, प्लास्टिक, पेंट, साबुन और अनेक औद्योगिक रसायन तैयार करता है। ये उत्पाद कृषि, स्वास्थ्य और विनिर्माण में उपयोगी हैं।
Q. औद्योगिक प्रदूषण के प्रमुख प्रकार कौन-से हैं?
Ans. औद्योगिक प्रदूषण के प्रमुख प्रकार वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, तापीय प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण हैं।
Q. औद्योगिक जल प्रदूषण कैसे होता है?
Ans. जब कारखानों का अनुपचारित रासायनिक अपशिष्ट, गर्म पानी और अन्य दूषित पदार्थ नदियों, झीलों या भूजल में छोड़े जाते हैं, तो जल प्रदूषण होता है।
Q. औद्योगिक वायु प्रदूषण को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है?
Ans. धुएँ के लिए फिल्टर और स्क्रबर लगाकर, स्वच्छ ईंधन अपनाकर, उत्सर्जन मानकों का पालन करके और नियमित निगरानी से वायु प्रदूषण कम किया जा सकता है।
Q. उद्योगों में ऊर्जा संरक्षण के उपाय बताइए।
Ans. ऊर्जा-कुशल मशीनों का उपयोग, नियमित रखरखाव, ऊर्जा की बर्बादी रोकना, अपशिष्ट ऊष्मा का पुनः उपयोग और नवीकरणीय ऊर्जा अपनाना प्रमुख उपाय हैं।
Q. औद्योगिक विकास को पर्यावरण के अनुकूल कैसे बनाया जा सकता है?
Ans. स्वच्छ तकनीक अपनाकर, अपशिष्ट का उपचार और पुनर्चक्रण करके, ऊर्जा दक्षता बढ़ाकर, जल संरक्षण करके और पर्यावरणीय नियमों का पालन करके औद्योगिक विकास को अधिक टिकाऊ बनाया जा सकता है।