Q. 1. पर्यावरण क्या है?
Ans. हमारे आसपास उपस्थित जैविक और अजैविक घटकों तथा उनके पारस्परिक संबंधों से मिलकर पर्यावरण बनता है।
Q. 2. पारितंत्र (Ecosystem) क्या है?
Ans. जीवों के समुदाय और उनके भौतिक पर्यावरण के बीच होने वाली पारस्परिक क्रियाओं से बना तंत्र पारितंत्र कहलाता है।
Q. 3. जैविक घटक किसे कहते हैं?
Ans. पर्यावरण में उपस्थित सभी जीवित घटक, जैसे पौधे, पशु, मनुष्य और सूक्ष्मजीव, जैविक घटक कहलाते हैं।
Q. 4. अजैविक घटक क्या हैं?
Ans. वायु, जल, मिट्टी, सूर्य का प्रकाश और तापमान जैसे निर्जीव पर्यावरणीय घटक अजैविक घटक कहलाते हैं।
Q. 5. उत्पादक किसे कहते हैं?
Ans. हरे पौधे सूर्य के प्रकाश की सहायता से प्रकाश संश्लेषण द्वारा अपना भोजन बनाते हैं। इसलिए उन्हें उत्पादक कहते हैं।
Q. 6. उपभोक्ता क्या हैं?
Ans. वे जीव जो अपना भोजन स्वयं नहीं बना सकते और भोजन के लिए अन्य जीवों पर निर्भर रहते हैं, उपभोक्ता कहलाते हैं।
Q. 7. अपघटक पर्यावरण में क्या भूमिका निभाते हैं?
Ans. जीवाणु और कवक जैसे अपघटक मृत जीवों तथा जैविक अपशिष्टों को सरल पदार्थों में तोड़ते हैं और पोषक तत्वों को पर्यावरण में वापस पहुँचाने में सहायता करते हैं।
Q. 8. खाद्य शृंखला क्या है?
Ans. जीवों के बीच भोजन के माध्यम से ऊर्जा और पदार्थों के स्थानांतरण का क्रम खाद्य शृंखला कहलाता है। उदाहरण: घास → हिरण → बाघ।
Q. 9. खाद्य जाल किसे कहते हैं?
Ans. किसी पारितंत्र में अनेक खाद्य शृंखलाओं के आपस में जुड़ने से बना जटिल जाल खाद्य जाल कहलाता है।
Q. 10. पोषी स्तर क्या है?
Ans. खाद्य शृंखला में भोजन प्राप्त करने की प्रत्येक स्थिति या चरण को पोषी स्तर कहते हैं। उत्पादक सामान्यतः प्रथम पोषी स्तर पर होते हैं।
Q. 11. ऊर्जा का दस प्रतिशत नियम क्या है?
Ans. लिंडेमैन के दस प्रतिशत नियम के अनुसार, एक पोषी स्तर पर उपलब्ध ऊर्जा का लगभग 10 प्रतिशत ही अगले पोषी स्तर तक पहुँचता है। शेष ऊर्जा का बड़ा भाग जीवन क्रियाओं में उपयोग या ऊष्मा के रूप में नष्ट होता है।
Q. 12. खाद्य शृंखला में ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय क्यों होता है?
Ans. ऊर्जा सूर्य से उत्पादकों और फिर उपभोक्ताओं तक पहुँचती है। प्रत्येक स्तर पर ऊर्जा का कुछ भाग ऊष्मा के रूप में निकल जाता है, इसलिए वह उसी रूप में वापस पिछले स्तर पर नहीं लौटती।
Q. 13. जैव आवर्धन (Biological Magnification) क्या है?
Ans. खाद्य शृंखला के उच्च पोषी स्तरों पर कुछ अविघटनीय हानिकारक रसायनों की सांद्रता बढ़ने की प्रक्रिया जैव आवर्धन कहलाती है।
Q. 14. ओजोन परत का क्या महत्त्व है?
Ans. समतापमंडल की ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों के बड़े भाग को अवशोषित करती है और जीवों की रक्षा करती है।
Q. 15. ओजोन परत के क्षय का प्रमुख कारण क्या रहा है?
Ans. क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC) जैसे कुछ रसायनों से निकलने वाले क्लोरीन यौगिक ओजोन के विनाश में योगदान देते हैं।
Q. 16. जैव निम्नीकरणीय पदार्थ क्या हैं?
Ans. वे पदार्थ जिन्हें सूक्ष्मजीव प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा सरल पदार्थों में विघटित कर सकते हैं, जैव निम्नीकरणीय पदार्थ कहलाते हैं। उदाहरण: पत्तियाँ और भोजन के अवशेष।
Q. 17. अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ क्या हैं?
Ans. वे पदार्थ जो सामान्य प्राकृतिक परिस्थितियों में सूक्ष्मजीवों द्वारा आसानी से विघटित नहीं होते, अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ कहलाते हैं। उदाहरण: प्लास्टिक की कई वस्तुएँ।
Q. 18. प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग पर्यावरण के लिए हानिकारक क्यों है?
Ans. कई प्रकार के प्लास्टिक आसानी से विघटित नहीं होते। वे मिट्टी और जल को प्रदूषित कर सकते हैं तथा जीवों के लिए खतरा बन सकते हैं।
Q. 19. कचरे के प्रबंधन के लिए तीन उपाय लिखिए।
Ans. कचरे को स्रोत पर अलग-अलग करना, जैविक कचरे से खाद बनाना और पुनः उपयोग तथा पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना प्रभावी उपाय हैं।
Q. 20. पर्यावरण संरक्षण में हमारी क्या भूमिका है?
Ans. हमें पानी और ऊर्जा बचानी चाहिए, प्लास्टिक का अनावश्यक उपयोग कम करना चाहिए, कचरे को अलग-अलग रखना चाहिए, पेड़-पौधों की रक्षा करनी चाहिए और पुनः उपयोग तथा पुनर्चक्रण अपनाना चाहिए।