❓ Question Answer

Chapter 3 - धातु एवं अधातु

Q. 1. धातु किसे कहते हैं?
Ans. वे तत्व जो सामान्यतः चमकदार होते हैं, ऊष्मा एवं विद्युत के सुचालक होते हैं और पीटकर चादर बनाए जा सकते हैं, धातु कहलाते हैं। उदाहरण: लोहा, ताँबा और एल्युमिनियम।
Q. 2. अधातु किसे कहते हैं?
Ans. वे तत्व जिनमें सामान्यतः धातुओं जैसे गुण नहीं पाए जाते, अधातु कहलाते हैं। उदाहरण: ऑक्सीजन, सल्फर और कार्बन।
Q. 3. धातुओं के कोई चार भौतिक गुण लिखिए।
Ans. धातुएँ सामान्यतः चमकदार, आघातवर्धनीय, तन्य और ऊष्मा तथा विद्युत की सुचालक होती हैं।
Q. 4. आघातवर्धनीयता क्या है?
Ans. धातु का वह गुण जिसके कारण उसे पीटकर पतली चादरों में बदला जा सकता है, आघातवर्धनीयता कहलाता है।
Q. 5. तन्यता क्या है?
Ans. धातु का वह गुण जिसके कारण उसे खींचकर पतले तारों में बदला जा सकता है, तन्यता कहलाता है।
Q. 6. धातुएँ सामान्यतः विद्युत की सुचालक क्यों होती हैं?
Ans. धातुओं में मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं, जो विद्युत आवेश के प्रवाह में सहायता करते हैं।
Q. 7. सोडियम और पोटैशियम को मिट्टी के तेल में क्यों रखा जाता है?
Ans. ये धातुएँ वायु और नमी के साथ अत्यधिक तेजी से अभिक्रिया कर सकती हैं। मिट्टी का तेल इन्हें वायु और नमी के संपर्क से बचाता है।
Q. 8. धातुओं की अम्लों के साथ अभिक्रिया से सामान्यतः कौन-सी गैस निकलती है?
Ans. उपयुक्त धातु की तनु अम्ल से अभिक्रिया करने पर सामान्यतः हाइड्रोजन गैस निकलती है।
Q. 9. अभिक्रियाशीलता श्रेणी क्या है?
Ans. धातुओं को उनकी घटती हुई रासायनिक अभिक्रियाशीलता के क्रम में व्यवस्थित करने पर प्राप्त सूची को अभिक्रियाशीलता श्रेणी कहते हैं।
Q. 10. विस्थापन अभिक्रिया क्या है?
Ans. वह अभिक्रिया जिसमें अधिक अभिक्रियाशील तत्व किसी यौगिक से कम अभिक्रियाशील तत्व को विस्थापित कर देता है, विस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।
Q. 11. आयनिक यौगिक कैसे बनते हैं?
Ans. आमतौर पर धातु द्वारा इलेक्ट्रॉन त्यागने और अधातु द्वारा इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने से धनायन तथा ऋणायन बनते हैं। इनके बीच विद्युतस्थैतिक आकर्षण से आयनिक यौगिक बनते हैं।
Q. 12. आयनिक यौगिकों के गलनांक सामान्यतः अधिक क्यों होते हैं?
Ans. आयनिक यौगिकों में विपरीत आवेश वाले आयनों के बीच प्रबल विद्युतस्थैतिक आकर्षण होता है। इसे दूर करने के लिए अधिक ऊर्जा चाहिए।
Q. 13. सोडियम क्लोराइड का रासायनिक सूत्र क्या है?
Ans. सोडियम क्लोराइड का रासायनिक सूत्र NaCl है। इसमें सोडियम आयन Na+ और क्लोराइड आयन Cl- होते हैं।
Q. 14. संक्षारण क्या है?
Ans. वायु, नमी या अन्य पदार्थों के संपर्क में आने से धातु की सतह का धीरे-धीरे खराब होना संक्षारण कहलाता है।
Q. 15. लोहे में जंग लगने के लिए किन परिस्थितियों की आवश्यकता होती है?
Ans. लोहे में जंग लगने के लिए सामान्यतः ऑक्सीजन और नमी दोनों की आवश्यकता होती है।
Q. 16. लोहे को जंग से बचाने के दो उपाय लिखिए।
Ans. लोहे पर पेंट या तेल लगाना तथा जस्ते की परत चढ़ाना (गैल्वनीकरण) जंग से बचाने के उपाय हैं।
Q. 17. मिश्रधातु किसे कहते हैं?
Ans. दो या दो से अधिक धातुओं अथवा धातु और अधातु के समांगी मिश्रण को मिश्रधातु कहते हैं। उदाहरण: पीतल और इस्पात।
Q. 18. अयस्क किसे कहते हैं?
Ans. वे खनिज जिनसे धातु का निष्कर्षण लाभदायक ढंग से किया जा सकता है, अयस्क कहलाते हैं।
Q. 19. धातुओं के निष्कर्षण में विद्युत अपघटन का उपयोग कब किया जाता है?
Ans. अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुओं, जैसे सोडियम, कैल्शियम और एल्युमिनियम, के निष्कर्षण में उनके उपयुक्त पिघले हुए यौगिकों का विद्युत अपघटन किया जाता है।
Q. 20. ताँबे और लोहे में से अधिक अभिक्रियाशील धातु कौन-सी है?
Ans. लोहा ताँबे से अधिक अभिक्रियाशील है। इसलिए लोहा, कॉपर सल्फेट के विलयन से ताँबे को विस्थापित कर सकता है।

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