Q. नेताजी का चश्मा पाठ के लेखक कौन हैं?
Ans. नेताजी का चश्मा पाठ के लेखक स्वयं प्रकाश हैं।
Q. नेताजी का चश्मा कहानी में नेताजी कौन हैं?
Ans. नेताजी से आशय सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा से है।
Q. नेताजी की मूर्ति कहाँ लगी थी?
Ans. नेताजी की मूर्ति कस्बे के मुख्य चौराहे पर लगी थी।
Q. नेताजी की मूर्ति पर क्या विशेष बात थी?
Ans. मूर्ति पर असली चश्मा लगाया जाता था, जो समय-समय पर बदलता रहता था।
Q. कैप्टन कौन था?
Ans. कैप्टन एक साधारण चश्मे बेचने वाला व्यक्ति था, जिसके मन में नेताजी के प्रति गहरा सम्मान था।
Q. कैप्टन नेताजी की मूर्ति पर चश्मा क्यों लगाता था?
Ans. वह नेताजी के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना के कारण मूर्ति पर चश्मा लगाता था।
Q. हालदार साहब कौन थे?
Ans. हालदार साहब कहानी के एक पात्र थे, जो कस्बे से गुजरते समय नेताजी की मूर्ति और कैप्टन के व्यवहार पर ध्यान देते थे।
Q. हालदार साहब को नेताजी की मूर्ति में क्या देखकर आश्चर्य हुआ?
Ans. उन्हें मूर्ति पर अलग-अलग चश्मे लगे देखकर आश्चर्य हुआ।
Q. पानवाला कैप्टन के बारे में क्या बताता है?
Ans. पानवाला बताता है कि कैप्टन नेताजी की मूर्ति पर चश्मा लगाता था और उनके प्रति सम्मान रखता था।
Q. कैप्टन का वास्तविक नाम कहानी में क्यों महत्वपूर्ण नहीं है?
Ans. कहानी में उसका नाम नहीं, बल्कि उसकी देशभक्ति और समर्पण महत्वपूर्ण हैं।
Q. कैप्टन के चरित्र की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं?
Ans. कैप्टन देशभक्त, संवेदनशील, समर्पित और नेताजी के प्रति श्रद्धा रखने वाला व्यक्ति था।
Q. नेताजी की मूर्ति पर चश्मा न होने पर हालदार साहब को कैसा लगा?
Ans. उन्हें दुख हुआ और वे सोचने लगे कि अब मूर्ति पर चश्मा कौन लगाएगा।
Q. कैप्टन की मृत्यु के बाद मूर्ति पर चश्मा किसने लगाया?
Ans. कैप्टन की मृत्यु के बाद एक बच्चे ने मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा लगाया था।
Q. सरकंडे का चश्मा देखकर हालदार साहब की आँखें क्यों भर आईं?
Ans. उन्हें बच्चे में देशभक्ति और सम्मान की भावना दिखाई दी, जिससे वे भावुक हो गए।
Q. कहानी में पानवाले की भूमिका क्या है?
Ans. पानवाला हालदार साहब को कैप्टन और नेताजी की मूर्ति के बारे में जानकारी देता है।
Q. नेताजी का चश्मा कहानी का मुख्य विषय क्या है?
Ans. कहानी का मुख्य विषय देशभक्ति, राष्ट्रीय सम्मान और सामान्य लोगों के भीतर जीवित देशप्रेम है।
Q. लेखक ने कैप्टन को किसका प्रतीक बनाया है?
Ans. कैप्टन सच्ची देशभक्ति, निस्वार्थ सेवा और राष्ट्रीय नायकों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
Q. कहानी में बच्चे के सरकंडे के चश्मे का क्या महत्व है?
Ans. यह नई पीढ़ी में देशभक्ति और राष्ट्रीय सम्मान की आशा का प्रतीक है।
Q. नेताजी का चश्मा कहानी से क्या शिक्षा मिलती है?
Ans. यह कहानी सिखाती है कि देशभक्ति केवल बड़े कामों में नहीं, बल्कि छोटे-छोटे कार्यों और सम्मान की भावना में भी दिखाई देती है।
Q. नेताजी का चश्मा शीर्षक क्यों सार्थक है?
Ans. चश्मा कहानी की प्रमुख घटना से जुड़ा है और देशभक्ति, सम्मान तथा राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बन जाता है।