Q. संसाधन के रूप में लोग से क्या तात्पर्य है?
Ans. जब जनसंख्या को केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि अपने ज्ञान, कौशल, शिक्षा और स्वास्थ्य के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने वाले संसाधन के रूप में देखा जाता है, तो इसे संसाधन के रूप में लोग कहते हैं।
Q. मानव पूँजी क्या है?
Ans. शिक्षा, प्रशिक्षण, कौशल और स्वास्थ्य में निवेश से लोगों की उत्पादक क्षमता में होने वाली वृद्धि को मानव पूँजी कहा जाता है।
Q. मानव संसाधन अन्य संसाधनों से किस प्रकार अलग है?
Ans. मानव संसाधन अपने ज्ञान, कौशल और रचनात्मकता से प्राकृतिक तथा भौतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकता है। इसलिए मनुष्य उत्पादन का सक्रिय और महत्त्वपूर्ण कारक है।
Q. मानव पूँजी निर्माण के दो प्रमुख साधन कौन-से हैं?
Ans. शिक्षा और स्वास्थ्य मानव पूँजी निर्माण के दो प्रमुख साधन हैं। इनके अतिरिक्त प्रशिक्षण तथा कौशल विकास भी मानव पूँजी को मजबूत करते हैं।
Q. शिक्षा का आर्थिक विकास में क्या महत्त्व है?
Ans. शिक्षा लोगों के ज्ञान, कौशल और कार्यक्षमता को बढ़ाती है। इससे रोजगार के अवसर, उत्पादकता, आय और देश की आर्थिक प्रगति में वृद्धि हो सकती है।
Q. स्वास्थ्य का मानव संसाधन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Ans. स्वस्थ व्यक्ति अधिक कुशलता से काम कर सकता है और उसकी कार्यक्षमता बेहतर होती है। अच्छा स्वास्थ्य अनुपस्थिति कम करने तथा उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायक होता है।
Q. मानव पूँजी में निवेश से क्या तात्पर्य है?
Ans. शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशिक्षण और कौशल विकास पर खर्च करना मानव पूँजी में निवेश कहलाता है। इससे भविष्य में व्यक्ति की उत्पादकता और आय बढ़ सकती है।
Q. आर्थिक गतिविधियाँ क्या हैं?
Ans. वे गतिविधियाँ जिनसे वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन होता है या जिनके बदले आय प्राप्त होती है, आर्थिक गतिविधियाँ कहलाती हैं। उदाहरण के लिए शिक्षक का पढ़ाना, डॉक्टर का इलाज करना और किसान का फसल उगाना।
Q. गैर-आर्थिक गतिविधियाँ क्या हैं?
Ans. ऐसी गतिविधियाँ जो मुख्य रूप से आय अर्जित करने के उद्देश्य से नहीं की जातीं, गैर-आर्थिक गतिविधियाँ कहलाती हैं। उदाहरण के लिए परिवार के सदस्यों द्वारा अपने घर में बिना वेतन के घरेलू कार्य करना।
Q. बाजार गतिविधियाँ किसे कहते हैं?
Ans. वे आर्थिक गतिविधियाँ जिनके बदले वेतन, लाभ या पारिश्रमिक प्राप्त होता है, बाजार गतिविधियाँ कहलाती हैं। उदाहरण के लिए नौकरी करना, दुकान चलाना और वस्तुओं का उत्पादन करके बेचना।
Q. प्राथमिक क्षेत्र की गतिविधियों के दो उदाहरण दीजिए।
Ans. कृषि और पशुपालन प्राथमिक क्षेत्र की गतिविधियों के उदाहरण हैं। मत्स्य पालन तथा वानिकी भी प्राथमिक क्षेत्र में आते हैं।
Q. द्वितीयक क्षेत्र क्या है?
Ans. द्वितीयक क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों या कच्चे माल को संसाधित करके उपयोगी वस्तुएँ बनाई जाती हैं। उदाहरण के लिए कपड़ा उद्योग, चीनी मिल और इस्पात उद्योग।
Q. तृतीयक क्षेत्र की गतिविधियाँ क्या हैं?
Ans. तृतीयक क्षेत्र में सेवाएँ प्रदान की जाती हैं। परिवहन, बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएँ और संचार इसके उदाहरण हैं।
Q. बेरोजगारी किसे कहते हैं?
Ans. जब काम करने और रोजगार पाने की इच्छा तथा क्षमता रखने वाले व्यक्ति को प्रचलित मजदूरी पर काम नहीं मिलता, तो उसे बेरोजगारी की स्थिति कहा जाता है।
Q. मौसमी बेरोजगारी क्या है?
Ans. जब लोगों को वर्ष के केवल कुछ महीनों में काम मिलता है और शेष समय काम उपलब्ध नहीं होता, तो इसे मौसमी बेरोजगारी कहते हैं। यह कृषि क्षेत्र में देखी जा सकती है।
Q. प्रच्छन्न बेरोजगारी क्या है?
Ans. जब किसी कार्य में आवश्यकता से अधिक लोग लगे होते हैं और कुछ लोगों को हटाने पर भी कुल उत्पादन में कमी नहीं आती, तो इसे प्रच्छन्न बेरोजगारी कहते हैं।
Q. शिक्षित बेरोजगारी क्या है?
Ans. जब शिक्षित व्यक्ति अपनी योग्यता के अनुसार रोजगार प्राप्त नहीं कर पाते, तो ऐसी स्थिति को शिक्षित बेरोजगारी कहा जाता है। इसके पीछे रोजगार के सीमित अवसर और कौशल में असंगति जैसे कारण हो सकते हैं।
Q. बेरोजगारी का अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Ans. बेरोजगारी से मानव संसाधन का पूरा उपयोग नहीं हो पाता। इससे परिवारों की आय घट सकती है, गरीबी बढ़ सकती है और देश के संभावित उत्पादन को नुकसान पहुँच सकता है।
Q. महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य में निवेश क्यों आवश्यक है?
Ans. महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य में निवेश से उनके कौशल, रोजगार के अवसर, निर्णय लेने की क्षमता और परिवार के कल्याण में सुधार हो सकता है। इससे समाज और अर्थव्यवस्था दोनों को लाभ मिलता है।
Q. मानव संसाधन की गुणवत्ता सुधारने के तीन उपाय बताइए।
Ans. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना, सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना और व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं कौशल विकास को बढ़ावा देना मानव संसाधन की गुणवत्ता सुधारने के प्रमुख उपाय हैं।