Q. भौतिक विज्ञान में कार्य किसे कहते हैं?
Ans. जब किसी वस्तु पर बल लगाने से बल की दिशा में विस्थापन होता है, तो बल द्वारा कार्य किया जाता है। यदि बल और विस्थापन एक ही दिशा में हों, तो कार्य W = F × s होता है।
Q. कार्य का SI मात्रक क्या है?
Ans. कार्य का SI मात्रक जूल (J) है। एक जूल कार्य तब होता है जब एक न्यूटन का बल वस्तु को बल की दिशा में एक मीटर विस्थापित करता है। 1 J = 1 N·m।
Q. धनात्मक कार्य क्या है?
Ans. जब बल का घटक विस्थापन की दिशा में होता है, तो बल द्वारा किया गया कार्य धनात्मक होता है। उदाहरण: पृथ्वी की ओर गिरती वस्तु पर गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कार्य।
Q. ऋणात्मक कार्य क्या है?
Ans. जब बल का घटक विस्थापन की दिशा के विपरीत होता है, तो बल द्वारा किया गया कार्य ऋणात्मक होता है। उदाहरण: चलती वस्तु पर घर्षण बल द्वारा किया गया कार्य।
Q. शून्य कार्य कब होता है?
Ans. जब विस्थापन शून्य हो या बल और विस्थापन परस्पर लंबवत हों, तो बल द्वारा किया गया कार्य शून्य होता है। उदाहरण: सिर पर बोझ रखकर समतल रास्ते पर क्षैतिज चलने वाले व्यक्ति द्वारा बोझ पर लगाया गया ऊर्ध्वाधर बल आदर्श स्थिति में शून्य कार्य करता है।
Q. ऊर्जा किसे कहते हैं?
Ans. कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं। ऊर्जा के विभिन्न रूप हैं, जैसे गतिज ऊर्जा, स्थितिज ऊर्जा, ऊष्मीय ऊर्जा, रासायनिक ऊर्जा और विद्युत ऊर्जा। ऊर्जा का SI मात्रक जूल है।
Q. गतिज ऊर्जा क्या है?
Ans. किसी वस्तु में उसकी गति के कारण उपस्थित ऊर्जा को गतिज ऊर्जा कहते हैं। इसका सूत्र KE = ½mv² है, जहाँ m द्रव्यमान और v वस्तु का वेग है।
Q. स्थितिज ऊर्जा क्या है?
Ans. किसी वस्तु में उसकी स्थिति या विन्यास के कारण संचित ऊर्जा को स्थितिज ऊर्जा कहते हैं। पृथ्वी की सतह के पास ऊँचाई h पर रखी वस्तु की गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा PE = mgh होती है।
Q. गतिज ऊर्जा किन कारकों पर निर्भर करती है?
Ans. गतिज ऊर्जा वस्तु के द्रव्यमान और वेग के वर्ग पर निर्भर करती है। KE = ½mv² के अनुसार द्रव्यमान दोगुना होने पर ऊर्जा दोगुनी और वेग दोगुना होने पर ऊर्जा चार गुनी हो जाती है।
Q. ऊर्जा संरक्षण का नियम क्या है?
Ans. ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है। इसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदला जा सकता है। पृथक तंत्र की कुल ऊर्जा स्थिर रहती है।
Q. शक्ति (Power) किसे कहते हैं?
Ans. कार्य करने की दर या प्रति इकाई समय में किए गए कार्य को शक्ति कहते हैं। शक्ति P = W/t है। इसका SI मात्रक वाट (W) है।
Q. एक वाट शक्ति की परिभाषा दीजिए।
Ans. एक वाट वह शक्ति है जिसमें एक सेकंड में एक जूल कार्य किया जाता है। अर्थात 1 W = 1 J/s।
Q. एक किलोवाट-घंटा क्या है?
Ans. एक किलोवाट-घंटा ऊर्जा की व्यावसायिक इकाई है। यह 1 kW शक्ति वाले उपकरण द्वारा एक घंटे में उपयोग की गई ऊर्जा के बराबर है। 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J।
Q. ऊर्जा की व्यावसायिक इकाई क्या है?
Ans. विद्युत ऊर्जा की व्यावसायिक इकाई किलोवाट-घंटा (kWh) है। इसे सामान्य बोलचाल में एक यूनिट बिजली भी कहा जाता है।
Q. यदि 10 N का बल किसी वस्तु को 5 m तक उसी दिशा में विस्थापित करे, तो कार्य कितना होगा?
Ans. कार्य W = F × s = 10 × 5 = 50 J।
Q. 2 kg द्रव्यमान की वस्तु 3 m/s के वेग से चल रही है। उसकी गतिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
Ans. गतिज ऊर्जा KE = ½mv² = ½ × 2 × 3² = 9 J।
Q. 2 kg की वस्तु 5 m की ऊँचाई पर रखी है। उसकी स्थितिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए। (g = 9.8 m/s²)
Ans. स्थितिज ऊर्जा PE = mgh = 2 × 9.8 × 5 = 98 J।
Q. यदि 100 J कार्य 20 सेकंड में किया जाए, तो शक्ति कितनी होगी?
Ans. शक्ति P = W/t = 100/20 = 5 W।
Q. ऊपर फेंकी गई वस्तु की गतिज और स्थितिज ऊर्जा में क्या परिवर्तन होता है?
Ans. वस्तु ऊपर उठती है तो उसका वेग कम होने से गतिज ऊर्जा घटती है और ऊँचाई बढ़ने से स्थितिज ऊर्जा बढ़ती है। वायु प्रतिरोध की उपेक्षा करने पर कुल यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित रहती है।
Q. क्या किसी वस्तु पर बल लगने पर हमेशा कार्य होता है? समझाइए।
Ans. नहीं। यदि वस्तु में विस्थापन न हो या बल और विस्थापन परस्पर लंबवत हों, तो उस बल द्वारा किया गया कार्य शून्य होता है। कार्य के लिए बल के साथ विस्थापन की उपयुक्त दिशा में घटक होना आवश्यक है।