Q. भौतिक भूगोल और मानव भूगोल में क्या अंतर है?
Ans. भौतिक भूगोल पृथ्वी की प्राकृतिक विशेषताओं, जैसे पर्वत, नदियाँ, जलवायु, मिट्टी और वनस्पति का अध्ययन करता है। मानव भूगोल जनसंख्या, बस्तियों, कृषि, उद्योग, परिवहन तथा मनुष्य और पर्यावरण के संबंधों का अध्ययन करता है।
Q. प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत क्या है और इससे पर्वतों का निर्माण कैसे होता है?
Ans. प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत के अनुसार पृथ्वी का स्थलमंडल कई बड़ी और छोटी प्लेटों में विभाजित है। प्लेटों के अभिसरण, अपसरण और पार्श्व गति से भूकंप, ज्वालामुखी तथा पर्वत निर्माण जैसी प्रक्रियाएँ होती हैं।
Q. पृथ्वी पर दिन और रात की अवधि में अंतर क्यों होता है?
Ans. पृथ्वी की धुरी लगभग 23.5 डिग्री झुकी हुई है और पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है। इस झुकाव के कारण वर्ष के अलग-अलग समय में विभिन्न अक्षांशों पर दिन और रात की अवधि बदलती रहती है।
Q. अक्षांश और देशांतर का भौगोलिक महत्व स्पष्ट कीजिए।
Ans. अक्षांश भूमध्य रेखा से उत्तर या दक्षिण की कोणीय दूरी बताते हैं। देशांतर प्रधान मध्याह्न रेखा से पूर्व या पश्चिम की कोणीय दूरी बताते हैं। दोनों की सहायता से स्थानों की स्थिति निर्धारित की जाती है और देशांतर के आधार पर समय का अंतर समझा जाता है।
Q. भारत में मानक समय निर्धारित करने के लिए 82°30′ पूर्वी देशांतर क्यों चुना गया?
Ans. 82°30′ पूर्वी देशांतर भारत के मानक समय की आधार रेखा है। यह उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के निकट से गुजरती है। इसका उपयोग पूरे देश में एक समान आधिकारिक समय रखने के लिए किया जाता है।
Q. भारतीय मानसून की उत्पत्ति और उसकी दिशा को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक कौन-से हैं?
Ans. भूमि और समुद्र के तापमान में अंतर, वायुदाब की स्थिति, मौसमी पवन प्रणालियाँ, अंतर-उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र और स्थलाकृति भारतीय मानसून को प्रभावित करते हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून की अरब सागर और बंगाल की खाड़ी वाली शाखाएँ भारत के विभिन्न क्षेत्रों में वर्षा लाती हैं।
Q. वर्षाछाया क्षेत्र क्या होता है और इसका निर्माण कैसे होता है?
Ans. जब आर्द्र वायु पर्वत की पवनाभिमुख ढाल पर ऊपर उठती है तो ठंडी होकर वर्षा कर सकती है। पर्वत पार करने के बाद नीचे उतरती वायु अपेक्षाकृत गर्म और शुष्क हो जाती है। पर्वत की दूसरी ओर कम वर्षा वाले क्षेत्र को वर्षाछाया क्षेत्र कहते हैं।
Q. चक्रवात और प्रतिचक्रवात में मुख्य अंतर क्या है?
Ans. चक्रवात सामान्यतः निम्न वायुदाब का क्षेत्र होता है, जिसमें सतह की वायु केंद्र की ओर अभिसरित होती है और वायु ऊपर उठ सकती है। प्रतिचक्रवात उच्च वायुदाब से जुड़ा होता है, जिसमें वायु सामान्यतः केंद्र से बाहर की ओर फैलती है और नीचे उतरने की प्रवृत्ति होती है।
Q. समदाब रेखाएँ और समोच्च रेखाएँ किस प्रकार अलग हैं?
Ans. समदाब रेखाएँ मानचित्र पर समान वायुदाब वाले स्थानों को जोड़ती हैं। समोच्च रेखाएँ समान ऊँचाई वाले स्थानों को जोड़ती हैं। समदाब रेखाएँ मौसम विज्ञान में और समोच्च रेखाएँ स्थलाकृति समझने में उपयोगी होती हैं।
Q. नदी के डेल्टा और ज्वारनदमुख में क्या अंतर है?
Ans. डेल्टा नदी के मुहाने पर अवसाद जमा होने से बनता है और वहाँ नदी कई वितरिकाओं में बँट सकती है। ज्वारनदमुख एक ऐसा नदी-मुहाना है जहाँ समुद्री ज्वार का प्रभाव रहता है और नदी का जल समुद्री जल से मिलता है। दोनों का निर्माण स्थानीय भूगोल और जल प्रवाह पर निर्भर करता है।
Q. काली मिट्टी कपास की खेती के लिए उपयोगी क्यों मानी जाती है?
Ans. काली मिट्टी में नमी धारण करने की अच्छी क्षमता होती है। इसमें चिकनी मिट्टी के खनिजों की पर्याप्त मात्रा होने से यह गीली अवस्था में फूलती और सूखने पर सिकुड़ती है। ये गुण कपास की खेती के लिए कई क्षेत्रों में अनुकूल होते हैं।
Q. जलोढ़ मिट्टी का कृषि में क्या महत्व है?
Ans. जलोढ़ मिट्टी नदियों द्वारा लाए गए अवसादों से बनती है। गंगा-ब्रह्मपुत्र के मैदान जैसे क्षेत्रों में इसका व्यापक विस्तार है। इसकी उर्वरता और समतल भूभाग के कारण अनेक प्रकार की फसलों की खेती के लिए यह महत्वपूर्ण है।
Q. एल नीनो भारतीय मानसून को किस प्रकार प्रभावित कर सकता है?
Ans. एल नीनो मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के सतही जल के असामान्य रूप से गर्म होने से जुड़ी जलवायु घटना है। यह वैश्विक वायुमंडलीय परिसंचरण को बदलकर भारतीय मानसून को कमजोर कर सकता है, लेकिन इसका प्रभाव हर वर्ष एक जैसा नहीं होता।
Q. जैव विविधता का संरक्षण पारिस्थितिक संतुलन के लिए क्यों आवश्यक है?
Ans. जैव विविधता में जीवों, प्रजातियों और पारिस्थितिक तंत्रों की विविधता शामिल है। यह खाद्य शृंखलाओं, परागण, पोषक चक्र, मिट्टी की गुणवत्ता और पारिस्थितिक तंत्रों की सहनशीलता बनाए रखने में मदद करती है।
Q. नवीकरणीय और अनवीकरणीय संसाधनों में अंतर उदाहरण सहित बताइए।
Ans. नवीकरणीय संसाधन प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा अपेक्षाकृत कम समय में फिर उपलब्ध हो सकते हैं, जैसे सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा। अनवीकरणीय संसाधन सीमित मात्रा में उपलब्ध होते हैं और बनने में बहुत लंबा समय लग सकता है, जैसे कोयला और पेट्रोलियम।
Q. भूजल स्तर में गिरावट के प्रमुख कारण क्या हैं?
Ans. भूजल स्तर में गिरावट के कारणों में आवश्यकता से अधिक पंपिंग, सिंचाई में अत्यधिक जल उपयोग, शहरीकरण के कारण जमीन में पानी का कम रिसाव और कम वर्षा शामिल हो सकते हैं। वर्षा जल संचयन तथा जल का विवेकपूर्ण उपयोग इस समस्या को कम करने में मदद करते हैं।
Q. शहरी ऊष्मा द्वीप प्रभाव क्या है?
Ans. शहरी ऊष्मा द्वीप प्रभाव में शहरों का तापमान आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से अधिक हो सकता है। कंक्रीट और डामर की सतहें, कम वनस्पति, वाहनों और भवनों से निकलने वाली ऊष्मा तथा घनी इमारतें इसके प्रमुख कारण हैं।
Q. भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) और रिमोट सेंसिंग का क्या उपयोग है?
Ans. GIS भौगोलिक स्थान से जुड़े आँकड़ों को संग्रहीत, विश्लेषित और मानचित्र पर प्रदर्शित करने की तकनीक है। रिमोट सेंसिंग में उपग्रहों या विमानों से प्राप्त आँकड़ों द्वारा पृथ्वी की सतह का अध्ययन किया जाता है। दोनों का उपयोग कृषि, मौसम, आपदा प्रबंधन और भूमि उपयोग के अध्ययन में होता है।
Q. जनसंख्या घनत्व क्या है और इसका आकलन कैसे किया जाता है?
Ans. जनसंख्या घनत्व किसी क्षेत्र में प्रति इकाई क्षेत्रफल पर रहने वाले लोगों की औसत संख्या है। इसे कुल जनसंख्या को उस क्षेत्र के कुल क्षेत्रफल से भाग देकर निकाला जाता है। सामान्यतः इसे व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर में व्यक्त किया जाता है।
Q. जलागम क्षेत्र (Watershed) क्या है और इसका प्रबंधन क्यों महत्वपूर्ण है?
Ans. जलागम क्षेत्र वह भूभाग है जहाँ गिरने वाला पानी सामान्यतः किसी साझा नदी, नाले या जल निकाय की ओर बहता है। इसके उचित प्रबंधन से वर्षा जल संचयन, मिट्टी का कटाव कम करने, भूजल पुनर्भरण और कृषि के लिए जल उपलब्धता में सुधार हो सकता है।