❓ Question Answer

Chapter 23 - जनसुविधाएँ

Q. जनसुविधाएँ किसे कहते हैं?
Ans. वे आवश्यक सेवाएँ और सुविधाएँ जो लोगों के दैनिक जीवन और बुनियादी जरूरतों को पूरा करती हैं, जनसुविधाएँ कहलाती हैं। जैसे पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता।
Q. जनसुविधाओं के पाँच उदाहरण दीजिए।
Ans. पीने का पानी, बिजली, सरकारी विद्यालय, अस्पताल और सार्वजनिक परिवहन जनसुविधाओं के उदाहरण हैं।
Q. जनसुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी क्यों है?
Ans. क्योंकि सभी लोगों को बुनियादी सेवाओं तक उचित और किफायती पहुँच मिलनी चाहिए। केवल निजी कंपनियों पर निर्भर रहने से गरीब और दूरदराज के लोगों को सुविधाएँ नहीं मिल सकतीं।
Q. पीने का स्वच्छ पानी क्यों आवश्यक है?
Ans. स्वच्छ पानी जीवन, स्वास्थ्य, भोजन बनाने और साफ-सफाई के लिए आवश्यक है। दूषित पानी से कई बीमारियाँ फैल सकती हैं।
Q. सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में क्या शामिल है?
Ans. सरकारी अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएँ और रोगों की रोकथाम जैसी सुविधाएँ सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में शामिल हैं।
Q. शिक्षा को जनसुविधा क्यों माना जाता है?
Ans. शिक्षा व्यक्ति के ज्ञान, कौशल और विकास के लिए आवश्यक है। विद्यालयों की उपलब्धता समाज में समान अवसर बढ़ाने में मदद करती है।
Q. सार्वजनिक परिवहन के दो उदाहरण दीजिए।
Ans. बस और रेल सार्वजनिक परिवहन के दो प्रमुख उदाहरण हैं।
Q. जनसुविधाओं का लाभ सभी लोगों तक पहुँचाना क्यों जरूरी है?
Ans. समान पहुँच से लोगों की बुनियादी जरूरतें पूरी होती हैं और अमीर-गरीब तथा शहर-गाँव के बीच असमानता कम करने में मदद मिलती है।
Q. जनसुविधाओं के लिए सरकार धन कहाँ से प्राप्त करती है?
Ans. सरकार मुख्यतः करों और अन्य सार्वजनिक आय के माध्यम से धन जुटाती है तथा उसका उपयोग विभिन्न जनसेवाओं पर करती है।
Q. निजी कंपनियाँ जनसुविधाएँ उपलब्ध कराने में क्या भूमिका निभा सकती हैं?
Ans. सरकार के नियमों और निगरानी के अंतर्गत निजी कंपनियाँ सड़क निर्माण, बिजली वितरण या अन्य सेवाएँ उपलब्ध कराने में सहयोग कर सकती हैं।
Q. जनसुविधाओं के मामले में सरकार की निगरानी क्यों जरूरी है?
Ans. निगरानी से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि सेवाएँ उचित गुणवत्ता, उचित कीमत और सभी लोगों तक पहुँचने की शर्तों के अनुसार उपलब्ध हों।
Q. सार्वजनिक और निजी सेवाओं में एक अंतर बताइए।
Ans. सार्वजनिक सेवाओं का उद्देश्य जनहित और व्यापक पहुँच सुनिश्चित करना होता है, जबकि निजी सेवाएँ अक्सर निजी संस्थाओं द्वारा संचालित होती हैं और उनकी कीमत तथा उपलब्धता अलग हो सकती है।
Q. स्वच्छता की सुविधाएँ क्यों महत्वपूर्ण हैं?
Ans. स्वच्छ शौचालय, नालियाँ और कचरा प्रबंधन साफ वातावरण बनाए रखते हैं तथा संक्रमण और बीमारियों के जोखिम को कम करते हैं।
Q. सुरक्षित पेयजल की समान उपलब्धता का क्या अर्थ है?
Ans. इसका अर्थ है कि हर व्यक्ति को अपनी जरूरत के अनुसार पर्याप्त और सुरक्षित पीने का पानी उचित कीमत पर उपलब्ध हो।
Q. गरीब बस्तियों में जनसुविधाओं की कमी से क्या समस्याएँ होती हैं?
Ans. पानी, शौचालय, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से बीमारी, समय की बर्बादी, असुरक्षा और दैनिक जीवन में कठिनाइयाँ बढ़ सकती हैं।
Q. जनसुविधाओं में असमान वितरण का क्या अर्थ है?
Ans. जब कुछ क्षेत्रों या समूहों को पर्याप्त सुविधाएँ मिलती हैं, जबकि अन्य लोगों को उन्हीं सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ता है, तो इसे असमान वितरण कहते हैं।
Q. सार्वजनिक पार्क और सड़कें लोगों के लिए कैसे उपयोगी हैं?
Ans. सार्वजनिक पार्क मनोरंजन और व्यायाम के अवसर देते हैं, जबकि सड़कें लोगों और वस्तुओं के आवागमन को आसान बनाती हैं।
Q. जल संरक्षण क्यों आवश्यक है?
Ans. जल संरक्षण से पानी की बर्बादी कम होती है और वर्तमान तथा भविष्य की जरूरतों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है।
Q. नागरिक जनसुविधाओं में सुधार के लिए क्या कर सकते हैं?
Ans. नागरिक स्थानीय निकायों को समस्याओं की जानकारी दे सकते हैं, जनसुनवाई में भाग ले सकते हैं, शिकायत दर्ज कर सकते हैं और पानी-बिजली जैसे संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग कर सकते हैं।
Q. जनसुविधाएँ जीवन की गुणवत्ता कैसे बढ़ाती हैं?
Ans. स्वच्छ पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, स्वच्छता और परिवहन की सुविधाएँ लोगों को स्वस्थ, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक जीवन जीने में मदद करती हैं।

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