❓ Question Answer

Chapter 8 - महिलाएँ, जाति एवं सुधार

Q. सामाजिक सुधार आंदोलन क्यों शुरू हुए?
Ans. सामाजिक सुधार आंदोलन समाज में प्रचलित कुरीतियों, जातिगत भेदभाव, महिलाओं की असमान स्थिति और शिक्षा की कमी को दूर करने के लिए शुरू हुए।
Q. राजा राममोहन राय कौन थे?
Ans. राजा राममोहन राय एक प्रमुख समाज सुधारक थे। उन्होंने सती प्रथा का विरोध किया और महिलाओं के अधिकारों तथा आधुनिक शिक्षा का समर्थन किया।
Q. सती प्रथा क्या थी?
Ans. सती प्रथा में पति की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी को पति की चिता पर जलने के लिए बाध्य किया जाता था या ऐसा करने की सामाजिक अपेक्षा रखी जाती थी।
Q. सती प्रथा पर प्रतिबंध कब लगाया गया?
Ans. 1829 में गवर्नर-जनरल लॉर्ड विलियम बेंटिंक के शासनकाल में सती प्रथा पर कानूनी प्रतिबंध लगाया गया।
Q. ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने किस सामाजिक सुधार का समर्थन किया?
Ans. ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने विधवा पुनर्विवाह का समर्थन किया और इसके लिए जनमत तैयार करने तथा कानून बनवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Q. हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम कब पारित हुआ?
Ans. हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम 1856 में पारित हुआ।
Q. महिला शिक्षा के प्रसार में सावित्रीबाई फुले का क्या योगदान था?
Ans. सावित्रीबाई फुले भारत की शुरुआती महिला शिक्षिकाओं में थीं। उन्होंने ज्योतिराव फुले के साथ लड़कियों की शिक्षा के प्रसार के लिए काम किया।
Q. ज्योतिराव फुले कौन थे?
Ans. ज्योतिराव फुले महाराष्ट्र के प्रमुख समाज सुधारक थे। उन्होंने जातिगत भेदभाव, सामाजिक असमानता और महिलाओं की अशिक्षा का विरोध किया।
Q. सत्यशोधक समाज की स्थापना किसने की?
Ans. सत्यशोधक समाज की स्थापना ज्योतिराव फुले ने 1873 में की थी।
Q. सत्यशोधक समाज का मुख्य उद्देश्य क्या था?
Ans. इसका मुख्य उद्देश्य जातिगत असमानता और सामाजिक शोषण का विरोध करना तथा समानता और न्याय को बढ़ावा देना था।
Q. सावित्रीबाई फुले ने लड़कियों की शिक्षा के लिए क्या किया?
Ans. सावित्रीबाई फुले ने लड़कियों के विद्यालयों में पढ़ाया और समाज के विरोध के बावजूद महिला शिक्षा को आगे बढ़ाने का काम किया।
Q. पंडिता रमाबाई कौन थीं?
Ans. पंडिता रमाबाई एक विदुषी और समाज सुधारक थीं। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा, विशेषकर विधवाओं की सहायता और उनके अधिकारों के लिए काम किया।
Q. जाति व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता क्यों थी?
Ans. जाति व्यवस्था के कारण अनेक लोगों को भेदभाव, अस्पृश्यता और शिक्षा तथा सामाजिक अवसरों से वंचित होने का सामना करना पड़ता था।
Q. ज्योतिराव फुले ने जातिगत भेदभाव का विरोध कैसे किया?
Ans. उन्होंने जाति आधारित ऊँच-नीच की आलोचना की, शिक्षा का प्रसार किया और वंचित समुदायों के अधिकारों तथा समानता का समर्थन किया।
Q. डॉ. भीमराव आंबेडकर ने सामाजिक समानता के लिए क्या किया?
Ans. डॉ. आंबेडकर ने जातिगत भेदभाव और अस्पृश्यता के विरुद्ध संघर्ष किया तथा समान अधिकार, शिक्षा और सामाजिक न्याय के लिए आंदोलन चलाए।
Q. श्री नारायण गुरु का मुख्य संदेश क्या था?
Ans. श्री नारायण गुरु ने जातिगत भेदभाव का विरोध किया और मानव समानता तथा सामाजिक सम्मान का संदेश दिया।
Q. पेरियार कौन थे?
Ans. ई. वी. रामासामी, जिन्हें पेरियार कहा जाता है, दक्षिण भारत के समाज सुधारक थे। उन्होंने जातिगत असमानता और ब्राह्मणवादी प्रभुत्व का विरोध किया।
Q. महिला शिक्षा का समाज पर क्या प्रभाव पड़ा?
Ans. महिला शिक्षा से महिलाओं में जागरूकता बढ़ी, सामाजिक सुधारों को समर्थन मिला और महिलाओं के अधिकारों तथा अवसरों पर चर्चा मजबूत हुई।
Q. समाज सुधारकों को किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा?
Ans. समाज सुधारकों को रूढ़िवादी विचारों, सामाजिक विरोध, जातिगत पूर्वाग्रहों और महिलाओं की शिक्षा के प्रति विरोध का सामना करना पड़ा।
Q. इस अध्याय का मुख्य संदेश क्या है?
Ans. यह अध्याय बताता है कि समाज सुधारकों और आंदोलनों ने महिला अधिकारों, शिक्षा, विधवा पुनर्विवाह तथा जातिगत समानता के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए।

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