Q. बस की यात्रा पाठ के लेखक कौन हैं?
Ans. हरिशंकर परसाई।
Q. बस की यात्रा पाठ किस विधा की रचना है?
Ans. हास्य-व्यंग्य।
Q. लेखक ने यात्रा के लिए किस वाहन का चुनाव किया?
Ans. बस का।
Q. बस की हालत कैसी थी?
Ans. बस बहुत पुरानी और जर्जर थी।
Q. बस को देखकर यात्रियों के मन में क्या आशंका हुई?
Ans. उन्हें लगा कि बस रास्ते में खराब हो सकती है।
Q. बस की यात्रा में किस प्रकार का हास्य उत्पन्न होता है?
Ans. बस की खराब हालत और यात्रा की कठिनाइयों से।
Q. लेखक ने बस की दशा का वर्णन किस शैली में किया है?
Ans. हास्य-व्यंग्यात्मक शैली में।
Q. बस की यात्रा में यात्रियों को कैसी परेशानी हुई?
Ans. पुरानी बस में सफर करने के कारण उन्हें असुविधा हुई।
Q. पाठ में लेखक ने किस व्यवस्था पर व्यंग्य किया है?
Ans. खराब परिवहन व्यवस्था और लापरवाही पर।
Q. जर्जर बस से यात्रा करना जोखिम भरा क्यों था?
Ans. क्योंकि उसके खराब होने या दुर्घटना होने की आशंका थी।
Q. हास्य-व्यंग्य का क्या उद्देश्य होता है?
Ans. हँसी के माध्यम से कमियों और समस्याओं को उजागर करना।
Q. लेखक की भाषा की प्रमुख विशेषता क्या है?
Ans. सरल, रोचक और व्यंग्यपूर्ण भाषा।
Q. बस की यात्रा में लेखक किस बात को प्रमुखता से दिखाते हैं?
Ans. यात्रा की कठिनाइयों और अव्यवस्था को।
Q. पाठ का शीर्षक बस की यात्रा क्यों रखा गया है?
Ans. क्योंकि पूरी रचना बस से की गई यात्रा के अनुभवों पर आधारित है।
Q. यात्रा के दौरान यात्रियों को किस बात की चिंता थी?
Ans. सुरक्षित रूप से गंतव्य तक पहुँचने की।
Q. लेखक की व्यंग्य शैली पाठ को कैसा बनाती है?
Ans. रोचक और मनोरंजक।
Q. पाठ में बस की खराब स्थिति क्या दर्शाती है?
Ans. परिवहन व्यवस्था की कमियों को।
Q. इस पाठ से हमें क्या सीख मिलती है?
Ans. यात्रा में सुरक्षा और अच्छी परिवहन व्यवस्था का महत्व समझना।
Q. लेखक पाठ में पाठकों को कैसे प्रभावित करते हैं?
Ans. हास्य और व्यंग्य के माध्यम से।
Q. बस की यात्रा पाठ का मुख्य संदेश क्या है?
Ans. हास्य के माध्यम से सामाजिक और व्यवस्था संबंधी कमियों पर ध्यान दिलाना।