❓ Question Answer

Chapter 10 - इतिहास : अठारहवीं शताब्दी के राजनीतिक गठन

Q. अठारहवीं शताब्दी में भारत की राजनीतिक स्थिति कैसी थी?
Ans. अठारहवीं शताब्दी में मुगल साम्राज्य कमजोर होने लगा और कई क्षेत्रीय शक्तियाँ स्वतंत्र या स्वायत्त होकर उभरीं।
Q. मुगल साम्राज्य के कमजोर होने के प्रमुख कारण क्या थे?
Ans. उत्तराधिकार के संघर्ष, प्रशासनिक कमजोरियाँ, आर्थिक समस्याएँ, क्षेत्रीय शासकों का उदय और बाहरी आक्रमण मुगल साम्राज्य के कमजोर होने के प्रमुख कारण थे।
Q. क्षेत्रीय राज्य किसे कहते हैं?
Ans. ऐसे राज्य जो किसी क्षेत्र में अपनी स्वतंत्र या स्वायत्त राजनीतिक सत्ता स्थापित करते हैं, क्षेत्रीय राज्य कहलाते हैं।
Q. अवध राज्य का संस्थापक किसे माना जाता है?
Ans. सआदत खाँ बुरहान-उल-मुल्क को अवध राज्य का संस्थापक माना जाता है।
Q. हैदराबाद राज्य की स्थापना किसने की थी?
Ans. निजाम-उल-मुल्क आसफ जाह ने 1724 ई. में हैदराबाद में अपनी स्वतंत्र सत्ता स्थापित की।
Q. बंगाल में स्वतंत्र सत्ता के विकास में किसका योगदान था?
Ans. मुर्शिद कुली खाँ ने बंगाल में अपनी सत्ता मजबूत की और प्रशासन तथा राजस्व व्यवस्था पर नियंत्रण स्थापित किया।
Q. मुगल साम्राज्य के पतन से क्षेत्रीय शासकों को क्या अवसर मिला?
Ans. मुगल सत्ता के कमजोर होने से क्षेत्रीय शासकों को अपने क्षेत्रों में प्रशासन, राजस्व और सेना पर अधिक नियंत्रण स्थापित करने का अवसर मिला।
Q. मराठा शक्ति का विस्तार किस क्षेत्र से हुआ?
Ans. मराठा शक्ति का उदय मुख्यतः महाराष्ट्र और दक्कन क्षेत्र से हुआ तथा बाद में इसका विस्तार भारत के अनेक भागों में हुआ।
Q. पेशवा कौन होते थे?
Ans. पेशवा मराठा राज्य में प्रमुख मंत्री और बाद के काल में मराठा शक्ति के प्रभावशाली राजनीतिक नेता होते थे।
Q. शिवाजी का मराठा इतिहास में क्या महत्व था?
Ans. शिवाजी ने मराठा राज्य की स्थापना और विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने एक संगठित प्रशासन और सैन्य व्यवस्था विकसित की।
Q. सिख शक्ति का विकास किस क्षेत्र में हुआ?
Ans. सिख शक्ति का विकास मुख्यतः पंजाब क्षेत्र में हुआ। अठारहवीं शताब्दी में सिख मिसलों ने अपनी राजनीतिक और सैन्य शक्ति बढ़ाई।
Q. सिख मिसलें क्या थीं?
Ans. सिख मिसलें सिख योद्धाओं और नेताओं के क्षेत्रीय राजनीतिक-सैन्य संगठन थे, जिन्होंने अठारहवीं शताब्दी में पंजाब में प्रभाव बढ़ाया।
Q. जाट शक्ति का प्रमुख केंद्र कौन-सा क्षेत्र था?
Ans. जाट शक्ति का प्रमुख केंद्र भरतपुर और उसके आसपास का क्षेत्र था।
Q. राजपूत शासकों ने अठारहवीं शताब्दी में क्या भूमिका निभाई?
Ans. राजपूत शासकों ने अपने क्षेत्रों में सत्ता मजबूत की, प्रशासन चलाया और क्षेत्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Q. बंगाल की अर्थव्यवस्था में किसका महत्व था?
Ans. बंगाल की अर्थव्यवस्था में कृषि, वस्त्र उत्पादन, व्यापार और राजस्व व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्थान था।
Q. अठारहवीं शताब्दी में किसानों की स्थिति किन बातों से प्रभावित होती थी?
Ans. किसानों की स्थिति भूमि से प्राप्त उपज, लगान की दर, स्थानीय अधिकारियों की नीतियों, युद्धों और प्राकृतिक परिस्थितियों से प्रभावित होती थी।
Q. क्षेत्रीय शासकों ने अपनी सत्ता मजबूत करने के लिए क्या किया?
Ans. क्षेत्रीय शासकों ने सेना का संगठन किया, राजस्व वसूली पर नियंत्रण बढ़ाया, अधिकारियों की नियुक्ति की और स्थानीय शक्तियों से गठबंधन किए।
Q. नादिर शाह ने भारत पर कब आक्रमण किया?
Ans. ईरान के शासक नादिर शाह ने 1739 ई. में भारत पर आक्रमण किया और दिल्ली को लूटा।
Q. अहमद शाह अब्दाली कौन था?
Ans. अहमद शाह अब्दाली अफगान शासक था, जिसने अठारहवीं शताब्दी में भारत पर कई आक्रमण किए और उत्तर भारतीय राजनीति को प्रभावित किया।
Q. अठारहवीं शताब्दी के राजनीतिक परिवर्तनों का क्या महत्व था?
Ans. इन परिवर्तनों से भारत में अनेक क्षेत्रीय शक्तियों का उदय हुआ, सत्ता के नए केंद्र बने और आगे चलकर औपनिवेशिक विस्तार के लिए नई राजनीतिक परिस्थितियाँ पैदा हुईं।
Q. अठारहवीं शताब्दी में भारत की राजनीतिक स्थिति कैसी थी?
Ans. अठारहवीं शताब्दी में मुगल साम्राज्य कमजोर होने लगा और कई क्षेत्रीय शक्तियाँ स्वतंत्र या स्वायत्त होकर उभरीं।
Q. मुगल साम्राज्य के कमजोर होने के प्रमुख कारण क्या थे?
Ans. उत्तराधिकार के संघर्ष, प्रशासनिक कमजोरियाँ, आर्थिक समस्याएँ, क्षेत्रीय शासकों का उदय और बाहरी आक्रमण मुगल साम्राज्य के कमजोर होने के प्रमुख कारण थे।
Q. क्षेत्रीय राज्य किसे कहते हैं?
Ans. ऐसे राज्य जो किसी क्षेत्र में अपनी स्वतंत्र या स्वायत्त राजनीतिक सत्ता स्थापित करते हैं, क्षेत्रीय राज्य कहलाते हैं।
Q. अवध राज्य का संस्थापक किसे माना जाता है?
Ans. सआदत खाँ बुरहान-उल-मुल्क को अवध राज्य का संस्थापक माना जाता है।
Q. हैदराबाद राज्य की स्थापना किसने की थी?
Ans. निजाम-उल-मुल्क आसफ जाह ने 1724 ई. में हैदराबाद में अपनी स्वतंत्र सत्ता स्थापित की।
Q. बंगाल में स्वतंत्र सत्ता के विकास में किसका योगदान था?
Ans. मुर्शिद कुली खाँ ने बंगाल में अपनी सत्ता मजबूत की और प्रशासन तथा राजस्व व्यवस्था पर नियंत्रण स्थापित किया।
Q. मुगल साम्राज्य के पतन से क्षेत्रीय शासकों को क्या अवसर मिला?
Ans. मुगल सत्ता के कमजोर होने से क्षेत्रीय शासकों को अपने क्षेत्रों में प्रशासन, राजस्व और सेना पर अधिक नियंत्रण स्थापित करने का अवसर मिला।
Q. मराठा शक्ति का विस्तार किस क्षेत्र से हुआ?
Ans. मराठा शक्ति का उदय मुख्यतः महाराष्ट्र और दक्कन क्षेत्र से हुआ तथा बाद में इसका विस्तार भारत के अनेक भागों में हुआ।
Q. पेशवा कौन होते थे?
Ans. पेशवा मराठा राज्य में प्रमुख मंत्री और बाद के काल में मराठा शक्ति के प्रभावशाली राजनीतिक नेता होते थे।
Q. शिवाजी का मराठा इतिहास में क्या महत्व था?
Ans. शिवाजी ने मराठा राज्य की स्थापना और विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने एक संगठित प्रशासन और सैन्य व्यवस्था विकसित की।
Q. सिख शक्ति का विकास किस क्षेत्र में हुआ?
Ans. सिख शक्ति का विकास मुख्यतः पंजाब क्षेत्र में हुआ। अठारहवीं शताब्दी में सिख मिसलों ने अपनी राजनीतिक और सैन्य शक्ति बढ़ाई।
Q. सिख मिसलें क्या थीं?
Ans. सिख मिसलें सिख योद्धाओं और नेताओं के क्षेत्रीय राजनीतिक-सैन्य संगठन थे, जिन्होंने अठारहवीं शताब्दी में पंजाब में प्रभाव बढ़ाया।
Q. जाट शक्ति का प्रमुख केंद्र कौन-सा क्षेत्र था?
Ans. जाट शक्ति का प्रमुख केंद्र भरतपुर और उसके आसपास का क्षेत्र था।
Q. राजपूत शासकों ने अठारहवीं शताब्दी में क्या भूमिका निभाई?
Ans. राजपूत शासकों ने अपने क्षेत्रों में सत्ता मजबूत की, प्रशासन चलाया और क्षेत्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Q. बंगाल की अर्थव्यवस्था में किसका महत्व था?
Ans. बंगाल की अर्थव्यवस्था में कृषि, वस्त्र उत्पादन, व्यापार और राजस्व व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्थान था।
Q. अठारहवीं शताब्दी में किसानों की स्थिति किन बातों से प्रभावित होती थी?
Ans. किसानों की स्थिति भूमि से प्राप्त उपज, लगान की दर, स्थानीय अधिकारियों की नीतियों, युद्धों और प्राकृतिक परिस्थितियों से प्रभावित होती थी।
Q. क्षेत्रीय शासकों ने अपनी सत्ता मजबूत करने के लिए क्या किया?
Ans. क्षेत्रीय शासकों ने सेना का संगठन किया, राजस्व वसूली पर नियंत्रण बढ़ाया, अधिकारियों की नियुक्ति की और स्थानीय शक्तियों से गठबंधन किए।
Q. नादिर शाह ने भारत पर कब आक्रमण किया?
Ans. ईरान के शासक नादिर शाह ने 1739 ई. में भारत पर आक्रमण किया और दिल्ली को लूटा।
Q. अहमद शाह अब्दाली कौन था?
Ans. अहमद शाह अब्दाली अफगान शासक था, जिसने अठारहवीं शताब्दी में भारत पर कई आक्रमण किए और उत्तर भारतीय राजनीति को प्रभावित किया।
Q. अठारहवीं शताब्दी के राजनीतिक परिवर्तनों का क्या महत्व था?
Ans. इन परिवर्तनों से भारत में अनेक क्षेत्रीय शक्तियों का उदय हुआ, सत्ता के नए केंद्र बने और आगे चलकर औपनिवेशिक विस्तार के लिए नई राजनीतिक परिस्थितियाँ पैदा हुईं।

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