❓ Question Answer

Chapter 3 - इतिहास : दिल्ली के सुल्तान

Q. दिल्ली सल्तनत क्या थी?
Ans. दिल्ली सल्तनत मध्यकालीन भारत का वह राज्य था जिस पर दिल्ली में राजधानी बनाकर शासन करने वाले सुल्तानों का अधिकार था।
Q. दिल्ली सल्तनत की स्थापना कब हुई?
Ans. दिल्ली सल्तनत की स्थापना 1206 ईस्वी में मानी जाती है, जब कुतुबुद्दीन ऐबक ने स्वतंत्र शासन शुरू किया।
Q. दिल्ली सल्तनत का पहला शासक कौन था?
Ans. कुतुबुद्दीन ऐबक दिल्ली सल्तनत का पहला सुल्तान माना जाता है।
Q. दिल्ली सल्तनत के पाँच प्रमुख राजवंश कौन-कौन से थे?
Ans. गुलाम या मामलुक वंश, खिलजी वंश, तुगलक वंश, सैयद वंश और लोदी वंश दिल्ली सल्तनत के पाँच प्रमुख राजवंश थे।
Q. इल्तुतमिश कौन था?
Ans. इल्तुतमिश गुलाम वंश का एक महत्वपूर्ण शासक था। उसने दिल्ली सल्तनत को मजबूत किया और प्रशासन को व्यवस्थित किया।
Q. रजिया सुल्तान कौन थी?
Ans. रजिया सुल्तान इल्तुतमिश की पुत्री थी। वह दिल्ली सल्तनत की पहली और एकमात्र प्रमुख महिला शासक थी जिसने सुल्तान के रूप में शासन किया।
Q. दिल्ली सल्तनत में मामलुक शासक किसे कहा जाता था?
Ans. मामलुक मूलतः सैनिक दास होते थे जिन्हें प्रशिक्षित करके उच्च सैन्य और प्रशासनिक पद दिए जा सकते थे। दिल्ली के प्रारंभिक सुल्तानों के वंश को मामलुक या गुलाम वंश कहा जाता है।
Q. अलाउद्दीन खिलजी कौन था?
Ans. अलाउद्दीन खिलजी खिलजी वंश का शक्तिशाली शासक था। उसने अपने साम्राज्य का विस्तार किया और बाजार की कीमतों तथा सैन्य व्यवस्था पर नियंत्रण के उपाय अपनाए।
Q. अलाउद्दीन खिलजी ने बाजार नियंत्रण के उपाय क्यों अपनाए?
Ans. उसने वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित रखने और बड़ी सेना के रखरखाव का खर्च कम करने के उद्देश्य से बाजार नियंत्रण के उपाय अपनाए।
Q. मुहम्मद बिन तुगलक कौन था?
Ans. मुहम्मद बिन तुगलक तुगलक वंश का शासक था। वह अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं के लिए जाना जाता है, जिनमें राजधानी दिल्ली से दौलताबाद ले जाने का प्रयास भी शामिल था।
Q. फिरोज शाह तुगलक ने कौन-से कार्य किए?
Ans. फिरोज शाह तुगलक ने नहरों, बागों और सार्वजनिक निर्माण कार्यों को बढ़ावा दिया। उसने कुछ करों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में भी बदलाव किए।
Q. दिल्ली के सुल्तानों ने अपनी सत्ता मजबूत करने के लिए क्या किया?
Ans. सुल्तानों ने सेना का विस्तार किया, किलों और प्रशासनिक केंद्रों पर नियंत्रण रखा, अधिकारियों की नियुक्ति की और राजस्व वसूली की व्यवस्था विकसित की।
Q. इक्ता व्यवस्था क्या थी?
Ans. इक्ता व्यवस्था में अधिकारियों को किसी क्षेत्र से राजस्व एकत्र करने का अधिकार दिया जाता था। इसके बदले वे प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ निभाते और सैनिक सहायता उपलब्ध कराते थे।
Q. मुक्ति या इक्तादार किसे कहते थे?
Ans. इक्ता का प्रबंधन करने वाले अधिकारी को इक्तादार या मुक्ति कहा जाता था। उसका काम राजस्व एकत्र करना, व्यवस्था बनाए रखना और निर्धारित सैनिक जिम्मेदारियाँ निभाना था।
Q. दिल्ली सल्तनत में राजस्व का क्या महत्व था?
Ans. राजस्व से सेना का खर्च, प्रशासन, किलों का रखरखाव और निर्माण कार्यों के लिए धन प्राप्त होता था।
Q. दिल्ली सल्तनत के शासकों को सीमाओं पर किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता था?
Ans. उन्हें मंगोल आक्रमणों, प्रतिद्वंद्वी राज्यों, विद्रोहों और दूरस्थ क्षेत्रों पर नियंत्रण बनाए रखने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता था।
Q. मंगोलों से दिल्ली सल्तनत को क्या खतरा था?
Ans. मंगोलों के आक्रमण से उत्तर-पश्चिमी सीमाओं और दिल्ली सल्तनत की सुरक्षा को खतरा था। इसलिए सुल्तानों को सेना और सीमा सुरक्षा पर ध्यान देना पड़ता था।
Q. दिल्ली सल्तनत में महिलाओं की स्थिति कैसी थी?
Ans. मध्यकालीन समाज में महिलाओं की स्थिति सामाजिक वर्ग और परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग थी। रजिया सुल्तान का शासन इस बात का उदाहरण है कि कुछ महिलाएँ राजनीतिक सत्ता तक भी पहुँचीं।
Q. दिल्ली सल्तनत के इतिहास को जानने के प्रमुख स्रोत क्या हैं?
Ans. इतिहासकार अभिलेखों, सिक्कों, स्थापत्य अवशेषों, शिलालेखों और जियाउद्दीन बरनी जैसे इतिहासकारों के लेखन से जानकारी प्राप्त करते हैं।
Q. दिल्ली सल्तनत के पतन के प्रमुख कारण क्या थे?
Ans. कमजोर उत्तराधिकारी, आपसी संघर्ष, प्रांतीय विद्रोह, प्रशासनिक समस्याएँ और बाहरी आक्रमण दिल्ली सल्तनत के कमजोर होने के प्रमुख कारणों में शामिल थे।

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