Q. मृदा किसे कहते हैं?
Ans. पृथ्वी की ऊपरी ढीली परत, जिसमें खनिज कण, ह्यूमस, जल, वायु और अनेक जीव पाए जाते हैं, मृदा कहलाती है।
Q. मृदा का निर्माण कैसे होता है?
Ans. चट्टानों के लंबे समय तक तापमान, जल, हवा और जीवों की क्रियाओं से टूटने तथा जैविक पदार्थों के मिलने से मृदा बनती है।
Q. मृदा परिच्छेदिका क्या है?
Ans. भूमि की सतह से नीचे तक मृदा की विभिन्न परतों को दिखाने वाले ऊर्ध्वाधर काट को मृदा परिच्छेदिका कहते हैं।
Q. मृदा की प्रमुख परतें कौन-कौन सी हैं?
Ans. मृदा की प्रमुख परतें A-परत यानी ऊपरी मृदा, B-परत यानी अधोमृदा और C-परत यानी आंशिक रूप से अपक्षयित मूल पदार्थ हैं। इनके नीचे ठोस आधार चट्टान हो सकती है।
Q. ह्यूमस क्या है?
Ans. पौधों और जंतुओं के मृत अवशेषों के अपघटन से बनने वाला गहरे रंग का जैविक पदार्थ ह्यूमस कहलाता है।
Q. मृदा में ह्यूमस का क्या महत्व है?
Ans. ह्यूमस मृदा की उर्वरता बढ़ाता है, पोषक तत्व उपलब्ध कराने में सहायता करता है और जल धारण करने की क्षमता सुधारता है।
Q. रेतीली मृदा की दो विशेषताएँ बताइए।
Ans. रेतीली मृदा में बड़े कण और उनके बीच बड़े रिक्त स्थान होते हैं। इसमें जल तेजी से नीचे जाता है और जल धारण क्षमता सामान्यतः कम होती है।
Q. चिकनी मृदा की विशेषताएँ क्या हैं?
Ans. चिकनी मृदा में बहुत छोटे कण होते हैं। यह अधिक जल धारण कर सकती है और गीली अवस्था में चिपचिपी होती है।
Q. दोमट मृदा क्या है?
Ans. दोमट मृदा में रेत, गाद, चिकनी मिट्टी और ह्यूमस का उपयुक्त मिश्रण होता है। यह अनेक फसलों के लिए उपयोगी होती है।
Q. मृदा में जल का अंतःस्रवण क्या है?
Ans. जल का मृदा की सतह से नीचे की परतों में प्रवेश करना जल का अंतःस्रवण कहलाता है।
Q. जल के अंतःस्रवण की दर किसे कहते हैं?
Ans. एक निश्चित समय में मृदा के भीतर जाने वाले जल की मात्रा या गहराई को अंतःस्रवण दर के रूप में व्यक्त किया जाता है।
Q. किस प्रकार की मृदा में जल तेजी से नीचे जाता है?
Ans. सामान्यतः रेतीली मृदा में बड़े कणों के बीच रिक्त स्थान अधिक होने के कारण जल तेजी से नीचे जाता है।
Q. मृदा में वायु क्यों आवश्यक है?
Ans. मृदा में उपस्थित वायु पौधों की जड़ों और अनेक मृदा जीवों के श्वसन में सहायता करती है।
Q. मृदा अपरदन क्या है?
Ans. जल, हवा या अन्य कारकों द्वारा मृदा की ऊपरी उपजाऊ परत का हटना मृदा अपरदन कहलाता है।
Q. मृदा अपरदन के दो कारण बताइए।
Ans. वनों की कटाई और तेज हवा या बहते जल द्वारा मिट्टी का बह जाना मृदा अपरदन के प्रमुख कारण हैं।
Q. मृदा संरक्षण के उपाय क्या हैं?
Ans. वृक्षारोपण, घास लगाना, सीढ़ीदार खेती, समोच्च जुताई और वनस्पति आवरण बनाए रखना मृदा संरक्षण के उपयोगी उपाय हैं।
Q. फसलों के लिए मृदा क्यों आवश्यक है?
Ans. मृदा पौधों को सहारा, जल और खनिज पोषक तत्व देती है तथा जड़ों के विकास के लिए स्थान उपलब्ध कराती है।
Q. मृदा में रहने वाले जीवों के दो उदाहरण दीजिए।
Ans. केंचुए और चींटियाँ मृदा में रहने वाले जीवों के उदाहरण हैं। अनेक सूक्ष्मजीव भी मृदा में पाए जाते हैं।
Q. मृदा की किस परत में सामान्यतः ह्यूमस अधिक पाया जाता है?
Ans. सामान्यतः ऊपरी मृदा यानी A-परत में ह्यूमस अधिक पाया जाता है।
Q. मृदा की जाँच करना क्यों आवश्यक है?
Ans. मृदा की जाँच से उसकी बनावट, pH और पोषक तत्वों की स्थिति का पता चलता है, जिससे उपयुक्त फसल और खाद का चयन करने में सहायता मिलती है।