Q. जंतुओं में पोषण किसे कहते हैं?
Ans. भोजन ग्रहण करने, उसका पाचन करने तथा उससे पोषक पदार्थ प्राप्त करने की प्रक्रिया को पोषण कहते हैं।
Q. पोषण की मुख्य अवस्थाएँ कौन-कौन सी हैं?
Ans. पोषण की पाँच मुख्य अवस्थाएँ हैं—अंतर्ग्रहण, पाचन, अवशोषण, स्वांगीकरण और मलत्याग।
Q. अंतर्ग्रहण क्या है?
Ans. भोजन को शरीर के अंदर लेने की प्रक्रिया अंतर्ग्रहण कहलाती है।
Q. पाचन क्या है?
Ans. जटिल भोजन को सरल, घुलनशील और अवशोषित किए जा सकने वाले पदार्थों में बदलने की प्रक्रिया पाचन कहलाती है।
Q. अवशोषण किसे कहते हैं?
Ans. पचे हुए भोजन का आंत की दीवार से होकर रक्त में पहुँचना अवशोषण कहलाता है।
Q. स्वांगीकरण क्या है?
Ans. अवशोषित पोषक पदार्थों का शरीर की वृद्धि, ऊर्जा और ऊतकों की मरम्मत में उपयोग स्वांगीकरण कहलाता है।
Q. मलत्याग क्या है?
Ans. अपचित भोजन को शरीर से बाहर निकालने की प्रक्रिया मलत्याग कहलाती है।
Q. मनुष्य में पाचन की शुरुआत कहाँ होती है?
Ans. मनुष्य में पाचन की शुरुआत मुख से होती है।
Q. लार का क्या कार्य है?
Ans. लार भोजन को नम और चिकना बनाती है तथा इसमें उपस्थित एंजाइम स्टार्च के पाचन की शुरुआत करता है।
Q. दाँतों के मुख्य कार्य क्या हैं?
Ans. दाँत भोजन को काटने, फाड़ने और चबाकर छोटे टुकड़ों में तोड़ने का कार्य करते हैं।
Q. जीभ भोजन में क्या सहायता करती है?
Ans. जीभ भोजन को लार के साथ मिलाती है, निगलने में सहायता करती है और स्वाद पहचानती है।
Q. आमाशय का क्या कार्य है?
Ans. आमाशय भोजन को मथता है और अम्ल तथा पाचक रसों की सहायता से पाचन में योगदान देता है।
Q. छोटी आंत का मुख्य कार्य क्या है?
Ans. छोटी आंत में पाचन की प्रक्रिया पूरी होती है और पचे हुए पोषक पदार्थों का अधिकांश अवशोषण होता है।
Q. विल्ली क्या हैं?
Ans. छोटी आंत की भीतरी दीवार पर उँगली जैसी छोटी संरचनाएँ विल्ली कहलाती हैं। ये अवशोषण के लिए सतह का क्षेत्रफल बढ़ाती हैं।
Q. यकृत द्वारा बनाया गया पित्त रस क्या करता है?
Ans. पित्त रस वसा को छोटी-छोटी बूंदों में बाँटने में सहायता करता है और अम्लीय भोजन को उदासीन करने में योगदान देता है।
Q. जुगाली करने वाले जंतु कौन हैं?
Ans. गाय, भैंस और बकरी जैसे जंतु भोजन को पहले निगलने के बाद वापस मुख में लाकर दोबारा चबाते हैं। इन्हें जुगाली करने वाले जंतु कहते हैं।
Q. रूमेन क्या है?
Ans. गाय जैसे जुगाली करने वाले जंतुओं के आमाशय का पहला और बड़ा भाग रूमेन कहलाता है।
Q. अमीबा भोजन कैसे ग्रहण करता है?
Ans. अमीबा कूटपाद बनाकर भोजन को घेरता है और उसे भोजनधानी में ले लेता है।
Q. अमीबा में भोजन का पाचन कहाँ होता है?
Ans. अमीबा में भोजन का पाचन भोजनधानी के अंदर होता है।
Q. जंतुओं में पाचन क्यों आवश्यक है?
Ans. पाचन भोजन को सरल पदार्थों में बदलता है ताकि शरीर पोषक तत्वों का अवशोषण करके ऊर्जा, वृद्धि और मरम्मत के लिए उनका उपयोग कर सके।