Q. व्यावहारिक ज्यामिति क्या है?
Ans. ज्यामितीय आकृतियों का दिए गए मापों के आधार पर निर्माण करना व्यावहारिक ज्यामिति कहलाता है।
Q. ज्यामितीय आकृतियाँ बनाने के लिए किन उपकरणों का प्रयोग होता है?
Ans. स्केल, परकार, चाँदा और पेंसिल का प्रयोग किया जाता है।
Q. स्केल का उपयोग किस लिए किया जाता है?
Ans. स्केल से रेखाखंड खींचे और उनकी लंबाई मापी जाती है।
Q. परकार का उपयोग किस लिए होता है?
Ans. परकार से वृत्त और चाप बनाए जाते हैं तथा दूरी स्थानांतरित की जाती है।
Q. चाँदे का उपयोग किस लिए किया जाता है?
Ans. चाँदे से कोण मापे और बनाए जाते हैं।
Q. रेखाखंड किसे कहते हैं?
Ans. दो निश्चित अंत बिंदुओं के बीच की सीधी रेखा का भाग रेखाखंड कहलाता है।
Q. त्रिभुज बनाने के लिए SSS नियम क्या है?
Ans. जब तीनों भुजाएँ दी हों, तो SSS नियम से त्रिभुज बनाया जाता है।
Q. SAS निर्माण नियम क्या है?
Ans. जब दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण दिया हो, तो SAS नियम से त्रिभुज बनाया जाता है।
Q. ASA निर्माण नियम क्या है?
Ans. जब एक भुजा और उसके दोनों सिरों के कोण दिए हों, तो ASA नियम से त्रिभुज बनाया जाता है।
Q. चतुर्भुज की निश्चित रचना के लिए सामान्यतः कितनी स्वतंत्र मापें चाहिए?
Ans. सामान्य चतुर्भुज की रचना के लिए पाँच उपयुक्त स्वतंत्र मापें आवश्यक होती हैं।
Q. समकोण कितने अंश का होता है?
Ans. समकोण 90° का होता है।
Q. सरल कोण कितने अंश का होता है?
Ans. सरल कोण 180° का होता है।
Q. परकार से 60° का कोण कैसे बनाया जा सकता है?
Ans. समबाहु त्रिभुज की रचना करके 60° का कोण बनाया जा सकता है।
Q. लंबवत रेखाएँ किसे कहते हैं?
Ans. जो दो रेखाएँ एक-दूसरे को 90° पर काटती हैं, वे लंबवत रेखाएँ कहलाती हैं।
Q. समांतर रेखाएँ किसे कहते हैं?
Ans. एक ही समतल में स्थित वे रेखाएँ जो आगे बढ़ाने पर नहीं मिलतीं, समांतर रेखाएँ कहलाती हैं।
Q. त्रिभुज की भुजाओं के लिए कौन-सी शर्त आवश्यक है?
Ans. किसी भी दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से अधिक होना चाहिए।
Q. 4 सेमी और 5 सेमी भुजाओं वाले त्रिभुज की तीसरी भुजा की सीमा क्या है?
Ans. तीसरी भुजा x के लिए 1 सेमी < x < 9 सेमी होना चाहिए।
Q. चतुर्भुज के आंतरिक कोणों का योग कितना होता है?
Ans. चतुर्भुज के चारों आंतरिक कोणों का योग 360° होता है।
Q. कोण का समद्विभाजक क्या करता है?
Ans. यह किसी कोण को दो बराबर कोणों में बाँटता है।
Q. ज्यामितीय रचना में माप की शुद्धता क्यों जरूरी है?
Ans. सही माप से आकृति की रचना शुद्ध होती है और उसकी जाँच आसान होती है।