❓ Question Answer

Chapter 15 - Visualising Solid Shapes

Q. ठोस आकृति क्या होती है?
Ans. जिस आकृति की लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई होती है उसे ठोस आकृति कहते हैं।
Q. घन क्या है?
Ans. छः समान वर्गाकार फलकों वाली आकृति घन कहलाती है।
Q. घनाभ क्या है?
Ans. आयताकार फलकों से बनी ठोस आकृति घनाभ कहलाती है।
Q. बेलन क्या है?
Ans. दो समान वृत्ताकार आधारों और एक वक्र पृष्ठ वाली आकृति बेलन कहलाती है।
Q. शंकु क्या है?
Ans. एक वृत्ताकार आधार और एक शीर्ष वाली आकृति शंकु कहलाती है।
Q. गोला क्या है?
Ans. पूर्णतः वक्र पृष्ठ से बनी आकृति गोला कहलाती है।
Q. फलक क्या होता है?
Ans. ठोस आकृति की समतल सतह को फलक कहते हैं।
Q. किनारा क्या होता है?
Ans. दो फलकों के मिलने से बनने वाली रेखा किनारा कहलाती है।
Q. शीर्ष क्या होता है?
Ans. जहाँ किनारे मिलते हैं उसे शीर्ष कहते हैं।
Q. घन में कितने फलक होते हैं?
Ans. घन में 6 फलक होते हैं।
Q. घन में कितने किनारे होते हैं?
Ans. घन में 12 किनारे होते हैं।
Q. घन में कितने शीर्ष होते हैं?
Ans. घन में 8 शीर्ष होते हैं।
Q. घनाभ में कितने फलक होते हैं?
Ans. घनाभ में 6 फलक होते हैं।
Q. बेलन में कितने वृत्ताकार आधार होते हैं?
Ans. बेलन में 2 वृत्ताकार आधार होते हैं।
Q. शंकु में कितने शीर्ष होते हैं?
Ans. शंकु में 1 शीर्ष होता है।
Q. गोले में कितने किनारे होते हैं?
Ans. गोले में कोई किनारा नहीं होता।
Q. जाल (Net) क्या होता है?
Ans. ठोस आकृति को खोलने पर प्राप्त समतल आकृति को जाल कहते हैं।
Q. घन का जाल किससे बनता है?
Ans. घन का जाल 6 वर्गों से बनता है।
Q. वास्तविक जीवन में बेलन का उदाहरण क्या है?
Ans. गैस सिलेंडर बेलन का उदाहरण है।
Q. वास्तविक जीवन में शंकु का उदाहरण क्या है?
Ans. आइसक्रीम कोन शंकु का उदाहरण है।
Q. ठोस आकृति क्या होती है?
Ans. जिस आकृति की लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई होती है उसे ठोस आकृति कहते हैं।
Q. घन क्या है?
Ans. छः समान वर्गाकार फलकों वाली आकृति घन कहलाती है।
Q. घनाभ क्या है?
Ans. आयताकार फलकों से बनी ठोस आकृति घनाभ कहलाती है।
Q. बेलन क्या है?
Ans. दो समान वृत्ताकार आधारों और एक वक्र पृष्ठ वाली आकृति बेलन कहलाती है।
Q. शंकु क्या है?
Ans. एक वृत्ताकार आधार और एक शीर्ष वाली आकृति शंकु कहलाती है।
Q. गोला क्या है?
Ans. पूर्णतः वक्र पृष्ठ से बनी आकृति गोला कहलाती है।
Q. फलक क्या होता है?
Ans. ठोस आकृति की समतल सतह को फलक कहते हैं।
Q. किनारा क्या होता है?
Ans. दो फलकों के मिलने से बनने वाली रेखा किनारा कहलाती है।
Q. शीर्ष क्या होता है?
Ans. जहाँ किनारे मिलते हैं उसे शीर्ष कहते हैं।
Q. घन में कितने फलक होते हैं?
Ans. घन में 6 फलक होते हैं।
Q. घन में कितने किनारे होते हैं?
Ans. घन में 12 किनारे होते हैं।
Q. घन में कितने शीर्ष होते हैं?
Ans. घन में 8 शीर्ष होते हैं।
Q. घनाभ में कितने फलक होते हैं?
Ans. घनाभ में 6 फलक होते हैं।
Q. बेलन में कितने वृत्ताकार आधार होते हैं?
Ans. बेलन में 2 वृत्ताकार आधार होते हैं।
Q. शंकु में कितने शीर्ष होते हैं?
Ans. शंकु में 1 शीर्ष होता है।
Q. गोले में कितने किनारे होते हैं?
Ans. गोले में कोई किनारा नहीं होता।
Q. जाल (Net) क्या होता है?
Ans. ठोस आकृति को खोलने पर प्राप्त समतल आकृति को जाल कहते हैं।
Q. घन का जाल किससे बनता है?
Ans. घन का जाल 6 वर्गों से बनता है।
Q. वास्तविक जीवन में बेलन का उदाहरण क्या है?
Ans. गैस सिलेंडर बेलन का उदाहरण है।
Q. वास्तविक जीवन में शंकु का उदाहरण क्या है?
Ans. आइसक्रीम कोन शंकु का उदाहरण है।
Q. ठोस आकृति क्या होती है?
Ans. जिस आकृति की लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई होती है उसे ठोस आकृति कहते हैं।
Q. घन क्या है?
Ans. छः समान वर्गाकार फलकों से बनी आकृति घन कहलाती है।
Q. घनाभ क्या है?
Ans. आयताकार फलकों वाली ठोस आकृति घनाभ कहलाती है।
Q. गोला क्या है?
Ans. पूर्णतः वक्र सतह से बनी आकृति गोला कहलाती है।
Q. बेलन क्या है?
Ans. दो वृत्ताकार आधारों और एक वक्र पृष्ठ वाली आकृति बेलन कहलाती है।
Q. शंकु क्या है?
Ans. एक वृत्ताकार आधार और एक शीर्ष वाली आकृति शंकु कहलाती है।
Q. फलक क्या होता है?
Ans. ठोस आकृति की समतल सतह को फलक कहते हैं।
Q. किनारा क्या होता है?
Ans. दो फलकों के मिलने से बनने वाली रेखा को किनारा कहते हैं।
Q. शीर्ष क्या होता है?
Ans. जहाँ दो या अधिक किनारे मिलते हैं उसे शीर्ष कहते हैं।
Q. घन में कितने फलक होते हैं?
Ans. घन में 6 फलक होते हैं।
Q. घन में कितने किनारे होते हैं?
Ans. घन में 12 किनारे होते हैं।
Q. घन में कितने शीर्ष होते हैं?
Ans. घन में 8 शीर्ष होते हैं।
Q. घनाभ में कितने फलक होते हैं?
Ans. घनाभ में 6 फलक होते हैं।
Q. बेलन के कितने आधार होते हैं?
Ans. बेलन के दो वृत्ताकार आधार होते हैं।
Q. शंकु में कितने शीर्ष होते हैं?
Ans. शंकु में एक शीर्ष होता है।
Q. गोले में कितने किनारे होते हैं?
Ans. गोले में कोई किनारा नहीं होता।
Q. जाल (Net) क्या है?
Ans. ठोस आकृति को खोलने पर प्राप्त समतल आकृति को जाल कहते हैं।
Q. घन का जाल किससे बनता है?
Ans. घन का जाल 6 वर्गों से बनता है।
Q. ठोस आकृतियों का दैनिक जीवन में क्या महत्व है?
Ans. इनका उपयोग भवन, बर्तन, खिलौने आदि बनाने में होता है।
Q. ठोस आकृतियों को देखने के विभिन्न दृष्टिकोण कौन से हैं?
Ans. ऊपरी दृश्य, सामने का दृश्य और पार्श्व दृश्य।

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