Q. प्राचीन भारत में अधिकांश लोग कहाँ रहते थे?
Ans. अधिकांश लोग गाँवों में रहते थे।
Q. गाँवों के लोगों का मुख्य व्यवसाय क्या था?
Ans. कृषि उनका मुख्य व्यवसाय था।
Q. किसानों द्वारा उगाई गई प्रमुख फसलें कौन-सी थीं?
Ans. धान, गेहूँ, जौ और दालें।
Q. गाँवों में सिंचाई के लिए किन साधनों का उपयोग किया जाता था?
Ans. कुओं, तालाबों और नहरों का उपयोग किया जाता था।
Q. ग्राम प्रमुख का क्या कार्य था?
Ans. गाँव के प्रशासन और व्यवस्था को संभालना।
Q. शहरों के विकास का मुख्य कारण क्या था?
Ans. व्यापार और शिल्प का विकास।
Q. प्राचीन शहरों में कौन-कौन रहते थे?
Ans. व्यापारी, शिल्पकार, अधिकारी और सैनिक रहते थे।
Q. शिल्पकार कौन होते थे?
Ans. वस्तुएँ बनाने वाले कुशल कारीगर शिल्पकार कहलाते थे।
Q. व्यापारी क्या कार्य करते थे?
Ans. वस्तुओं का क्रय-विक्रय करते थे।
Q. प्राचीन भारत में व्यापार कैसे होता था?
Ans. स्थलीय और जल मार्गों से।
Q. बंदरगाहों का क्या महत्व था?
Ans. वे विदेशी व्यापार के प्रमुख केंद्र थे।
Q. दक्षिण भारत का प्रसिद्ध बंदरगाह कौन-सा था?
Ans. पुहार (कावेरीपट्टनम)।
Q. रोमन साम्राज्य के साथ भारत का क्या संबंध था?
Ans. भारत का रोमन साम्राज्य से व्यापारिक संबंध था।
Q. शहरों में बाजारों का क्या महत्व था?
Ans. वे व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के केंद्र थे।
Q. शिल्पकार कौन-कौन सी वस्तुएँ बनाते थे?
Ans. मिट्टी के बर्तन, कपड़े, आभूषण और धातु की वस्तुएँ।
Q. गाँव और शहर एक-दूसरे पर कैसे निर्भर थे?
Ans. गाँव खाद्यान्न देते थे और शहर निर्मित वस्तुएँ।
Q. प्राचीन नगरों में कर कौन वसूलता था?
Ans. राज्य के अधिकारी।
Q. व्यापारियों के समूह को क्या कहा जाता था?
Ans. श्रेणी या संघ।
Q. समृद्ध शहरों की पहचान क्या थी?
Ans. व्यापार, शिल्प और समृद्ध बाजार।
Q. इस अध्याय का मुख्य विषय क्या है?
Ans. प्राचीन भारत के गाँवों और शहरों का आर्थिक एवं सामाजिक जीवन।