❓ Question Answer

Chapter 15 - Vedic Mathematics Advanced

Q. वैदिक गणित क्या है?
Ans. वैदिक गणित मानसिक गणना और कुछ पारंपरिक गणना-विधियों पर आधारित गणितीय तकनीकों का संग्रह है।
Q. निखिलम् सूत्र का सामान्य अर्थ क्या है?
Ans. निखिलम् सूत्र का अर्थ है सभी को 9 से और अंतिम को 10 से घटाना। इसका उपयोग आधार के निकट संख्याओं के गुणन में किया जा सकता है।
Q. 100 के निकट 98 × 97 की गणना कैसे करेंगे?
Ans. 100 से 98 की कमी 2 और 97 की कमी 3 है। बायाँ भाग 98−3 = 95 तथा दायाँ भाग 2×3 = 06 होगा। उत्तर 9506 है।
Q. आधार (Base) विधि क्या है?
Ans. 10, 100 या 1000 जैसे सुविधाजनक आधार के सापेक्ष संख्याओं की कमी या अधिकता का उपयोग करके गणना करना आधार विधि कहलाता है।
Q. 103 × 104 को आधार 100 से कैसे निकालेंगे?
Ans. दोनों संख्याएँ आधार 100 से क्रमशः 3 और 4 अधिक हैं। बायाँ भाग 103+4 = 107 तथा दायाँ भाग 3×4 = 12 है। उत्तर 10712 है।
Q. ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम् सूत्र का अर्थ क्या है?
Ans. इसका अर्थ है ऊर्ध्वाधर और तिर्यक विधि। यह विशेष रूप से गुणा करने की एक गणना-विधि है।
Q. एकाधिकेन पूर्वेण का सामान्य अर्थ क्या है?
Ans. इसका सामान्य अर्थ है पूर्ववर्ती से एक अधिक। कुछ विशिष्ट गणना-विधियों में इसका उपयोग किया जाता है।
Q. यावदूनम् विधि का उपयोग कब किया जाता है?
Ans. जब संख्याएँ किसी सुविधाजनक आधार से थोड़ी कम हों, तब उनकी कमी का उपयोग करके गुणा को सरल बनाया जा सकता है।
Q. 11 से किसी दो अंकों की संख्या का गुणा कैसे सरल किया जा सकता है?
Ans. दो अंकों के बीच उनके अंकों का योग रखा जाता है। यदि योग 10 या अधिक हो, तो कैरी को ध्यान में रखना पड़ता है।
Q. 43 × 11 का मान ज्ञात कीजिए।
Ans. 4 और 3 के बीच 4+3 = 7 रखने पर उत्तर 473 मिलता है।
Q. 25 × 25 का मान ज्ञात कीजिए।
Ans. 25 × 25 = 625। यह 25 के वर्ग का मान है।
Q. 999 × 7 की सरल गणना कैसे करेंगे?
Ans. 1000 × 7 − 7 = 7000 − 7 = 6993।
Q. 1001 × 36 का मान क्या है?
Ans. 1000 × 36 + 36 = 36000 + 36 = 36036।
Q. 49² को आधार 50 से कैसे निकाल सकते हैं?
Ans. 49 = 50−1। इसलिए 49² = (50−1)² = 2500−100+1 = 2401।
Q. 51² का मान ज्ञात कीजिए।
Ans. 51² = (50+1)² = 2500+100+1 = 2601।
Q. 999² का मान ज्ञात कीजिए।
Ans. 999² = (1000−1)² = 1000000−2000+1 = 998001।
Q. निकटतम आधार से गुणा करने में दाएँ भाग के अंकों की संख्या क्यों महत्वपूर्ण है?
Ans. दाएँ भाग में आधार के अंकों की संख्या के बराबर स्थान रखने होते हैं, जैसे आधार 100 में दो अंक। आवश्यक होने पर शून्य लगाते हैं।
Q. वैदिक गणित में मानसिक गणना का क्या लाभ है?
Ans. उचित विधि का अभ्यास करने से कई गणनाएँ जल्दी की जा सकती हैं और गणितीय दक्षता बढ़ सकती है।
Q. क्या वैदिक गणित की प्रत्येक विधि हर संख्या पर सबसे तेज होती है?
Ans. नहीं। उपयुक्त विधि संख्याओं और प्रश्न के प्रकार पर निर्भर करती है।
Q. गणना के बाद उत्तर की जाँच क्यों करनी चाहिए?
Ans. उत्तर की जाँच करने से गणना की त्रुटियाँ पहचानने और परिणाम की शुद्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

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