Q. वास्तविक संख्याएँ किसे कहते हैं?
Ans. वे सभी संख्याएँ जिन्हें संख्या रेखा पर दर्शाया जा सकता है, वास्तविक संख्याएँ कहलाती हैं। इनमें परिमेय और अपरिमेय दोनों संख्याएँ शामिल हैं।
Q. परिमेय संख्या किसे कहते हैं?
Ans. जिस संख्या को p/q के रूप में लिखा जा सके, जहाँ p और q पूर्णांक हों तथा q शून्य न हो, उसे परिमेय संख्या कहते हैं।
Q. अपरिमेय संख्या किसे कहते हैं?
Ans. जिस संख्या को दो पूर्णांकों के अनुपात p/q के रूप में नहीं लिखा जा सकता, उसे अपरिमेय संख्या कहते हैं।
Q. अंकगणित का मौलिक प्रमेय क्या है?
Ans. प्रत्येक भाज्य धनात्मक पूर्णांक को अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में अद्वितीय तरीके से व्यक्त किया जा सकता है, गुणनखंडों के क्रम को छोड़कर।
Q. अभाज्य संख्या किसे कहते हैं?
Ans. एक से बड़ी वह प्राकृतिक संख्या जिसके केवल दो धनात्मक भाजक 1 और स्वयं वह संख्या हों, अभाज्य संख्या कहलाती है।
Q. भाज्य संख्या किसे कहते हैं?
Ans. एक से बड़ी वह प्राकृतिक संख्या जिसके दो से अधिक धनात्मक भाजक हों, भाज्य संख्या कहलाती है।
Q. महत्तम समापवर्तक (HCF) क्या है?
Ans. दो या अधिक संख्याओं को पूर्णतः विभाजित करने वाली सबसे बड़ी धनात्मक संख्या उनका महत्तम समापवर्तक कहलाती है।
Q. लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) क्या है?
Ans. दो या अधिक संख्याओं से पूर्णतः विभाजित होने वाली सबसे छोटी धनात्मक संख्या उनका लघुत्तम समापवर्त्य कहलाती है।
Q. HCF और LCM के बीच क्या संबंध है?
Ans. दो धनात्मक पूर्णांकों का HCF और LCM का गुणनफल उन दोनों संख्याओं के गुणनफल के बराबर होता है।
Q. 360 का अभाज्य गुणनखंड ज्ञात कीजिए।
Ans. 360 = 2³ × 3² × 5।
Q. 96 और 144 का महत्तम समापवर्तक ज्ञात कीजिए।
Ans. 96 और 144 का महत्तम समापवर्तक 48 है।
Q. 12 और 18 का लघुत्तम समापवर्त्य ज्ञात कीजिए।
Ans. 12 और 18 का लघुत्तम समापवर्त्य 36 है।
Q. परिमेय संख्या का दशमलव प्रसार सांत या असांत आवर्ती क्यों होता है?
Ans. सरलतम रूप p/q में यदि q के अभाज्य गुणनखंड केवल 2 और 5 हों, तो दशमलव प्रसार सांत होता है; अन्यथा वह असांत आवर्ती होता है।
Q. परिमेय संख्या का दशमलव प्रसार कब सांत होता है?
Ans. जब सरलतम रूप में उसके हर के अभाज्य गुणनखंड केवल 2 और 5 हों या इनमें से कोई एक हो।
Q. क्या प्रत्येक अभाज्य संख्या का वर्गमूल अपरिमेय होता है?
Ans. हाँ, प्रत्येक अभाज्य संख्या का वर्गमूल अपरिमेय होता है, क्योंकि अभाज्य संख्या पूर्ण वर्ग नहीं होती।
Q. सिद्ध कीजिए कि √2 एक अपरिमेय संख्या है।
Ans. मान लें कि √2 = p/q, जहाँ p और q सह-अभाज्य हैं। वर्ग करने पर p² = 2q² मिलता है, जिससे p सम होगा। p = 2k रखने पर q भी सम निकलता है। यह p और q के सह-अभाज्य होने के विरुद्ध है। अतः √2 अपरिमेय है।
Q. यूक्लिड का विभाजन प्रमेय क्या है?
Ans. किन्हीं धनात्मक पूर्णांकों a और b के लिए a = bq + r लिखा जा सकता है, जहाँ q भागफल और r शेषफल है तथा 0 ≤ r < b।
Q. 135 और 225 का महत्तम समापवर्तक ज्ञात कीजिए।
Ans. 135 = 3³ × 5 तथा 225 = 3² × 5²। अतः HCF = 3² × 5 = 45।
Q. क्या शून्य एक परिमेय संख्या है?
Ans. हाँ, शून्य एक परिमेय संख्या है क्योंकि इसे 0/1 के रूप में लिखा जा सकता है।
Q. परिमेय और अपरिमेय संख्याओं में क्या अंतर है?
Ans. परिमेय संख्या को दो पूर्णांकों के अनुपात में लिखा जा सकता है, जबकि अपरिमेय संख्या को इस रूप में नहीं लिखा जा सकता।